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स्वानंद किरकिरे की थिएटर में धमाकेदार वापसी: जानें उनके नए म्यूजिकल प्ले 'यो ब्रदर, दिस इज 95' के बारे में!

स्वानंद किरकिरे, जो एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायक और लेखक हैं, लगभग पांच साल बाद थिएटर में वापसी कर रहे हैं। उनका नया म्यूजिकल प्ले 'यो ब्रदर, दिस इज 95' 1995 के भारत में आर्थिक उदारीकरण के दौर को दर्शाता है। यह नाटक छोटे शहरों के युवाओं की जिंदगी और बदलते समाज को हास्य और संगीत के माध्यम से पेश करेगा। जानें इस नाटक के बारे में और क्या खास है!
 

स्वानंद किरकिरे का नया म्यूजिकल प्ले

मुंबई, 4 नवंबर। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गायक और लेखक स्वानंद किरकिरे लगभग पांच साल बाद एक बार फिर से थिएटर के मंच पर लौटने के लिए तैयार हैं। उनका नया म्यूजिकल प्ले 'यो ब्रदर, दिस इज 95' दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। यह नाटक 1995 के समय को दर्शाता है, जब भारत में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत हो रही थी और लोगों की सफलता की परिभाषा बदल रही थी।


स्वानंद ने इस म्यूजिकल प्ले को न केवल लिखा है, बल्कि इसे निर्देशित भी किया है। इसमें व्यंग्य, डार्क ह्यूमर, लोक संगीत और उस समय की तेजी से बदलती दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे युवाओं की कहानी को दर्शाया गया है।


इस नाटक में छोटे शहरों के युवाओं की जिंदगी को बारीकी से दिखाया गया है, जो सेल्स की दुनिया में नए अवसरों और बढ़ती उम्मीदों के बीच खुद को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।


'यो ब्रदर, दिस इज 95' का प्रीमियर पृथ्वी थिएटर फेस्टिवल में होने जा रहा है। इसकी कहानी 1995 के भारत के छोटे शहरों में सेट है, जब देश में आर्थिक उदारीकरण के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे थे। इस समय लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही थीं और उपभोक्तावाद आम जीवन का हिस्सा बन रहा था। यह म्यूजिकल प्ले न केवल मनोरंजन करेगा, बल्कि उस समय के सामाजिक परिवर्तनों को भी उजागर करेगा।


स्वानंद किरकिरे ने कहा, "'यो ब्रदर, दिस इज 95' उस समय की कहानी है, जब भारत में सफलता के मायने बदलने लगे थे। हम एक नई दुनिया में कदम रख रहे थे, जहां टारगेट, इंसेंटिव और ग्रोथ जैसे शब्द आम बातचीत का हिस्सा बन गए थे।"


उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह देखना दिलचस्प लगता है कि उस समय के आर्थिक बदलावों ने हमारे रिश्तों, महत्वाकांक्षाओं और खुद को आंकने के तरीकों को कैसे प्रभावित किया। इस नाटक में हम कुछ युवा सेल्सपर्सन की जिंदगी के माध्यम से इस बदलाव को हास्य, संगीत और थोड़ी असहजता के साथ दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।"


स्वानंद ने नाटक में वैक्यूम क्लीनर के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "इस नाटक में वैक्यूम क्लीनर केवल एक सामान नहीं है, बल्कि यह उस समाज का प्रतीक है, जो खुद को बेचने, खरीदने और नए सिरे से गढ़ने की कोशिश कर रहा है। यह आम लोगों, उनके सपनों और उनके सफर में किए गए समझौतों की कहानी है।"


उन्होंने कहा कि इस म्यूजिकल को थिएटर के मंच पर लाने के लिए वह बेहद उत्साहित हैं। पृथ्वी थिएटर फेस्टिवल का हिस्सा बनना उनके लिए विशेष है, क्योंकि यह मंच हमेशा से लाइव परफॉर्मेंस और अर्थपूर्ण कहानियों को प्रोत्साहित करता रहा है।


इस म्यूजिकल प्ले में स्वानंद किरकिरे के साथ स्टैंडअप कॉमेडियन आकाश गुप्ता, गरिमा दिवाकर, चिन्मय चंद्रांशु, ईशा पांडे, अभिषेक कौशल, रवि महाशब्दे, आयशा चौहान, संजीव विल्सन, चकोरी द्विवेदी, अप्सरा खान और चिन्मया शर्मा भी शामिल होंगे।