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स्वरा भास्कर के जौहर पर बयान ने मचाई हलचल, जानें क्या कहा विवादित बयान में!

स्वरा भास्कर के 'पद्मावत' फिल्म में जौहर पर दिए गए बयान ने विवाद को जन्म दिया है। उनके बयान के बाद कई राजनीतिक हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिसमें समर्थन और आलोचना दोनों शामिल हैं। स्वरा ने अपने बयान का स्पष्टीकरण भी दिया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और विभिन्न दृष्टिकोण।
 

स्वरा भास्कर का विवादित बयान

नई दिल्ली, 2 सितंबर। अभिनेत्री स्वरा भास्कर के 'पद्मावत' फिल्म में जौहर को लेकर दिए गए बयान ने विवाद को जन्म दे दिया है। 31 अगस्त को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वरा ने फिल्म के अंत में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर अपनी राय रखी। इसके बाद उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि स्वरा ने जौहर करने वाली महिलाओं और रानी पद्मावती को 'कायर' कहा।


स्वरा का स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ने पर स्वरा ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान का स्पष्ट अर्थ बताया और कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था। उनके बयान पर कई राजनीतिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। कुछ ने उनका समर्थन किया है, जबकि अन्य ने आलोचना की है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

मौलाना साजिद रशीदी ने स्वरा के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'फिल्म 'पद्मावत' महारानी पद्मावती की कहानी पर आधारित है। इस कहानी को मलिक मोहम्मद जायसी ने कई सदियों बाद लिखा था। जब किसी घटना को इतने लंबे समय बाद लिखा जाता है, तो कई बातें बदल सकती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जौहर को राजपूतों की बहादुरी से जोड़ना सवाल उठाता है।


वहीं, मुंबई के सीनियर एडवोकेट मजीद मेमन ने कहा, 'स्वरा एक अच्छी कलाकार हैं और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाली एक्टिविस्ट भी हैं। उनका बयान इतिहास से जुड़े उदाहरणों पर आधारित था।' कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने भी कहा कि समय के साथ सोच में बदलाव आया है और कई पुरानी प्रथाओं को गलत माना गया है।


भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा नेताओं ने स्वरा भास्कर पर तीखी टिप्पणियां की हैं। जयपुर में भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने कहा, 'ऐसे लोगों में न तो समझ है और न ही राष्ट्रभक्ति।' भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने भी स्वरा की आलोचना की और कहा कि उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें इतिहास की कितनी जानकारी है।


फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि जौहर के समय की परिस्थितियां अलग थीं और आज का समाज न तो सती प्रथा का समर्थन करता है और न ही जौहर का।


स्वरा का मूल बयान

यह विवाद स्वरा भास्कर के 31 अगस्त के बयान से शुरू हुआ। दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 'वुमन लाइफ फ्रीडम टॉक' कार्यक्रम में उनसे 'पद्मावत' पर लिखे गए अपने खुले खत के बारे में पूछा गया था। स्वरा ने कहा, 'जब मैंने फिल्म का दृश्य देखा जिसमें 800 महिलाएं जौहर करती हैं, तो मैंने सोचा कि अगर मैं रेप सर्वाइवर होती तो यह फिल्म मुझे क्या संदेश देती? क्या हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हमें जीने का अधिकार नहीं है?'