सैयामी खेर का 10 साल का सफर: संघर्ष और सफलता की कहानी
सैयामी खेर ने मनाया 10 साल का सफर
मुंबई, 07 अक्टूबर (वेब वार्ता)। एक्ट्रेस सैयामी खेर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर के 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपने सफर की यादें साझा कीं और बताया कि कैसे उन्होंने फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए कई चुनौतियों और अनचाही सलाहों का सामना किया।
सैयामी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तब वह नासिक की एक साधारण लड़की थीं, जिन्हें फिल्मी दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। कई लोगों ने उन्हें बिना जाने ही जज कर लिया था।
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए, सैयामी ने कहा, 'जब मैं पहली बार फिल्म के सेट पर गई, तब मेरी उम्र लगभग 20 साल थी। पिछले 10 साल मेरे जीवन के सबसे बड़े बदलावों से भरे रहे हैं। उस समय मैं नासिक से आई एक इंट्रोवर्ट लड़की थी, जो फिल्म इंडस्ट्री से अनजान थी। फिर भी, मुझे शुरुआत में ही यह मानकर रिजेक्ट कर दिया गया कि शायद मैं इस इंडस्ट्री के लिए उपयुक्त नहीं हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे कहा गया कि मैं 'गांव की लड़की' जैसी लगती हूं और मुझमें एक्ट्रेस बनने की क्षमता नहीं है। इसके अलावा, मुझे इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए कई ऐसी सलाहें दी गईं, जिन्हें सुनना मेरे लिए आसान नहीं था। कुछ लोगों ने कहा कि किसी एक्टर या डायरेक्टर को डेट करना चाहिए, क्योंकि यह इंडस्ट्री में प्रवेश का एक आसान तरीका है। इसके साथ ही, मुझे कॉस्मेटिक सर्जरी कराने और लिप जॉब करवाने की भी सलाह दी गई।'
सैयामी ने कहा, 'मेरे माता-पिता से मिले आत्मविश्वास ने मुझे इन बातों से टूटने नहीं दिया। कई बार मुझे इन सलाहों पर हंसी आती थी। मेरे सामने ऐसे कई लोग आए, जिन्होंने मुझे मुफ्त में सलाह दी, जबकि मुझे हर दिन रिजेक्शन का सामना करना पड़ता था। मेरे करियर में बड़ा मोड़ तब आया, जब अदूर मुखर्जी ने मुझे फोन किया और कहा कि दिलीप शंकर मेरा टेस्ट लेंगे। यह मौका मेरे लिए बाकी सभी मौकों से अलग था।'
उन्होंने बताया, 'मैंने दिलीप शंकर और आदिल हुसैन के साथ लगभग तीन महीने तक वर्कशॉप की। ये तीन महीने मेरे जीवन को बदलने वाले साबित हुए। इस दौरान मैंने खुद बने रहने, अपने काम में ईमानदारी और खुद पर भरोसा करने की सीख ली। इसके लगभग छह महीने बाद मुझे राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'मिर्ज्या' के लिए फाइनल कर लिया गया।'
सैयामी ने 2016 में 'मिर्ज्या' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जिसमें वह हर्षवर्धन कपूर के साथ नजर आई थीं। राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने अपने करियर के सबसे खास हिस्सों में से एक बताया।
उन्होंने कहा, 'राकेश सर बिल्कुल ऐसे इंसान थे, जिनकी मुझे उस समय जरूरत थी। उन्होंने मुझे एक कलाकार के रूप में खुलकर व्यक्त करने की आजादी दी और मुझे एक्टिंग से प्यार करना सिखाया। उन्होंने मुझे अपने बच्चे की तरह प्यार दिया।'