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सूरज पंचोली का दर्द: 14 साल बेगुनाही साबित करने में लगे, जिया खान केस पर खुलकर बोले

बॉलीवुड अभिनेता सूरज पंचोली ने जिया खान की मौत से जुड़े मामले पर अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित करने में 14 साल बिताए और अब भी उन्हें कठघरे में खड़ा करना दुखद है। सूरज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी चुप्पी के कारण और इस मामले के प्रभाव पर चर्चा की। जानें उनके विचार और इस मामले की जटिलताएं।
 

सूरज पंचोली का जिया खान केस पर बयान




मुंबई, 2 अगस्त। बॉलीवुड के अभिनेता सूरज पंचोली एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल के दिनों में, वह अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जिया खान की मौत से जुड़ा मामला अभी भी उनके पीछे है।


2023 में अदालत से बरी होने के बावजूद, सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफार्मों पर इस मामले को अब भी 'अनसुलझा' बताया जा रहा है, जिससे सूरज काफी नाराज हैं।


सूरज ने एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित करने में 14 साल बिताए हैं, इसलिए अब भी उन्हें कठघरे में खड़ा करना बेहद दुखदायी है।


इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक लंबे नोट में, सूरज ने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और बताया कि उन्होंने इतने सालों तक चुप्पी इसलिए रखी क्योंकि वह किसी की व्यक्तिगत जिंदगी और सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। अब जब अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है, तब भी अगर लोग उन्हें दोषी मानते हैं या इस मामले को 'अनसुलझा' बताते हैं, तो यह उनके लिए बेहद दुखद है।


सूरज ने लिखा, "जब यह दुखद घटना हुई, तब मैं केवल 20 साल का था। मैं जिया खान को सिर्फ चार महीने से जानता था और मुझे नहीं पता था कि वह किस मानसिक तनाव से गुजर रही थी। मैं उस समय इतना परिपक्व नहीं था कि किसी के अंदर छिपे दर्द को समझ सकूं, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मेरी जिंदगी को बदल दिया।"


उन्होंने आगे कहा, "मैंने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए 14 साल संघर्ष किया। ये वे साल थे जब मुझे अपने भविष्य पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन मैं एक ऐसे मुकदमे का बोझ उठाता रहा जिसने मेरे 20वें और 30वें दशक का बड़ा हिस्सा ले लिया।"


सूरज ने कहा, "मैंने इस मामले पर चुप रहने का निर्णय लिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी को भी मेरे बारे में कुछ भी लिखने का अधिकार है। मैंने हमेशा उनकी निजता की रक्षा की।"


अंत में, सूरज ने मीडिया और लोगों से अपील की कि अगर वे उनकी कहानी बताना चाहते हैं, तो इसे पूरी सच्चाई और तथ्यों के साथ पेश करें।


जिया खान 3 जून 2013 को अपने मुंबई स्थित फ्लैट में मृत पाई गई थीं। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या माना गया था, लेकिन उनकी मां ने इसे हत्या का मामला बताते हुए कई सवाल उठाए थे। उस समय सूरज और जिया के रिश्ते की भी चर्चा हुई थी। सूरज पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था।


हालांकि, लंबे कानूनी संघर्ष के बाद, अप्रैल 2023 में विशेष सीबीआई अदालत ने सूरज को सभी आरोपों से बरी कर दिया।