×

सुषमा सेठ: 'हम लोग' की दादी का किरदार जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया!

सुषमा सेठ, जो 'हम लोग' की दादी इमरती देवी के रूप में जानी जाती हैं, ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं। उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। जानें उनके जीवन की अनकही कहानियाँ और कैसे उन्होंने छोटे पर्दे से बड़े पर्दे तक का सफर तय किया।
 

सुषमा सेठ का अद्वितीय सफर




मुंबई, 19 जून। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री सुषमा सेठ ने अपने लंबे करियर में मां, दादी और नानी के कई यादगार किरदार निभाए हैं। लेकिन एक ऐसा किरदार है जिसने उन्हें हर घर में पहचान दिलाई, वह है दूरदर्शन के प्रसिद्ध धारावाहिक 'हम लोग' की दादी, इमरती देवी। इस किरदार के प्रति दर्शकों का इतना लगाव था कि जब इसे कहानी से हटाने का निर्णय लिया गया, तो दर्शक भड़क उठे और चिट्ठियां लिखने लगे।


सुषमा सेठ का जन्म 20 जून 1936 को दिल्ली में हुआ। उनका परिवार कला और संस्कृति से जुड़ा हुआ था, जिससे उन्हें बचपन से ही अभिनय और संगीत में रुचि थी। उन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली में पूरी की और फिर अमेरिका जाकर नाटक और अभिनय की शिक्षा ली। उनके लिए अभिनय केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून था।


दिल्ली लौटने के बाद, उन्होंने कई प्रमुख रंगकर्मियों के साथ काम किया और थिएटर में अपनी पहचान बनाई। लगभग 20 वर्षों तक मंच पर अभिनय करने के बाद, उन्होंने छोटे पर्दे की ओर कदम बढ़ाया।


सुषमा को सबसे ज्यादा पहचान दूरदर्शन के पहले पारिवारिक शो 'हम लोग' से मिली, जहां उन्होंने दादी इमरती देवी का किरदार निभाया। यह किरदार दर्शकों के दिलों में बस गया और वह हर घर की सदस्य बन गईं। जब कहानी में दादी के किरदार को खत्म करने का निर्णय लिया गया, तो दर्शकों ने दूरदर्शन और निर्माताओं को चिट्ठियों से भर दिया, जिसमें अनुरोध किया गया कि दादी को शो से न हटाया जाए।


सुषमा ने कई इंटरव्यू में कहा कि दर्शकों के प्यार के कारण ही इस किरदार को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, कहानी की आवश्यकता के अनुसार अंत में दादी की मृत्यु दिखाई गई।


छोटे पर्दे पर सफलता के बाद, सुषमा ने 42 वर्ष की उम्र में फिल्मों में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म 'जुनून' थी, जो 1978 में रिलीज हुई। आमतौर पर कलाकार इस उम्र तक फिल्मों में अपनी जगह बना चुके होते हैं, लेकिन सुषमा ने इस उम्र में नई शुरुआत की और सफलता भी पाई। इसके बाद उन्होंने 'सिलसिला', 'प्रेम रोग', 'तवायफ', 'नगीना', 'चांदनी', 'दीवाना', 'धड़कन', 'कभी खुशी कभी गम' और 'कल हो ना हो' जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया।


फिल्मों में उन्होंने अक्सर मां, दादी और नानी के किरदार निभाए। शाहरुख खान, ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, ऋषि कपूर, अनिल कपूर और प्रीति जिंटा जैसे कई बड़े सितारों के साथ उन्होंने स्क्रीन साझा की।


सुषमा सेठ को उनके शानदार अभिनय के लिए कई पुरस्कार भी मिले। फिल्म 'तवायफ' में अमीना बाई के किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। लेकिन आज भी लोग उन्हें सबसे ज्यादा 'हम लोग' की दादी के रूप में याद करते हैं।