×

सुभाष घई ने साझा किया अपने फिल्मी सफर का जादू, जानें उनकी यादगार फिल्में!

प्रसिद्ध निर्देशक सुभाष घई ने अपने अद्भुत फिल्मी सफर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक विशेष पोस्ट साझा की। उन्होंने अपनी पुरानी फिल्मों की कोलाज तस्वीरें साझा की और बताया कि हर सुबह एक नया संदेश और दिशा लेकर आती है। जानें उनकी यादगार फिल्मों जैसे 'कर्ज', 'हीरो', और 'खलनायक' के बारे में, जो हिंदी सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई हैं।
 

सुभाष घई का फिल्मी सफर




मुंबई, 30 जुलाई। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने हाल ही में अपने अद्भुत फिल्मी सफर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक विशेष पोस्ट साझा की।


उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी पुरानी फिल्मों की कोलाज तस्वीरें साझा की, जिसमें उनकी यात्रा की शुरुआत शत्रुघ्न सिन्हा की फिल्म 'कालीचरण' से होती है। इसके बाद 'विश्वनाथ', 'गौतम गोविंदा', 'कर्ज', 'क्रोधी', 'विधाता', 'हीरो', 'मेरी जंग', 'कर्मा', 'राम लखन', 'सौदागर', 'खलनायक', 'त्रिमूर्ति', 'परदेस', 'ताल', 'यादें', 'किसना', 'ब्लैक एंड व्हाइट', 'युवराज' और 'कांची' जैसी कई प्रमुख फिल्में शामिल हैं।


इस पोस्ट में, घई ने बताया कि हर सुबह एक नया संदेश, उत्साह और दिशा लेकर आती है। उन्होंने लिखा, "हर सुबह की शाम आती है, फिर एक नई सुबह आती है। सैनिक बदलते हैं, कमान बदलती है। नए मैदाने जंग में ले जाती है। नया जोश नई दिशा दर्शाती है। मुक्ता आर्ट्स फिर जवां हो जाती है। आज एक नई शुरुआत के साथ मुक्ता आर्ट्स के सभी लोगों को मेरा आशीर्वाद।"


सुभाष घई की कई फिल्में हिंदी सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई हैं। फिल्म 'कर्ज', जो पुनर्जन्म पर आधारित थी, ने अपने संगीत से दर्शकों का दिल जीता। वहीं, 'हीरो' ने जैकी श्रॉफ को एक प्रमुख अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई और 1983 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनी।


'मेरी जंग' ने अनिल कपूर को एक उत्कृष्ट कलाकार के रूप में स्थापित किया, जबकि 'कर्मा' 1986 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में से एक बनी। फिल्म 'सौदागर' में दिलीप कुमार और राज कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों ने तीन दशक बाद एक साथ काम किया।


संजय दत्त, माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म 'खलनायक' 90 के दशक की एक यादगार फिल्म बनी, जबकि 'परदेस' ने महिमा चौधरी को पेश किया और यह शाहरुख खान की यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है।


उनकी सफलता का सिलसिला 'ताल' के साथ जारी रहा, जो ए.आर. रहमान के संगीत और ऐश्वर्या राय बच्चन, अनिल कपूर और अक्षय खन्ना की बेहतरीन अदाकारी के लिए जानी जाती है। कुछ वर्षों बाद, उनकी फिल्मों जैसे 'यादें', 'किसना', 'युवराज', 'ब्लैक एंड व्हाइट' और 'कांची' को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला।