सुप्रीम कोर्ट ने लीना पॉलोस की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस, अगली सुनवाई 27 जुलाई को
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली, 17 जून। 200 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मकोका से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी, लीना मारिया पॉलोस के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और 27 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई की तारीख भी 27 जुलाई निर्धारित की गई है।
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने मकोका से संबंधित मामले में लीना पॉलोस को जमानत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि मामला गंभीर है और इसमें संगठित अपराध की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उन्हें राहत मिली थी और जमानत का आदेश दिया गया था।
लीना पॉलोस ने हाईकोर्ट में यह तर्क दिया था कि इस अपराध की अधिकतम सजा सात साल तक हो सकती है और वह अब तक लगभग चार साल से अधिक समय जेल में बिता चुकी हैं। लेकिन अदालत ने मकोका मामले को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
यह मामला 2021 में शुरू हुआ, जब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने लीना पॉलोस को गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि वह एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा थीं, जिसमें 200 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया।
लीना पॉलोस पर आरोप है कि उन्होंने इस नेटवर्क में फर्जी लेनदेन और पैसों के गबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि ठगी से प्राप्त धन का उपयोग लग्जरी सामान, ब्रांडेड आइटम, और प्रभावशाली लोगों को प्रभावित करने के लिए किया गया, जिसमें बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी शामिल है।
ईडी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ईडी का कहना है कि सुकेश चंद्रशेखर ने वसूली की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था, जिसमें करोड़ों रुपये के गिफ्ट शामिल थे। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई पालतू जानवर शामिल थे।