सिल्वेस्टर स्टेलोन ने साझा किया कठिन बचपन का अनुभव, ‘स्नेक पिट’ की कहानी
सिल्वेस्टर स्टेलोन का कठिन दौर
लॉस एंजेलिस, 29 अक्टूबर। हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सिल्वेस्टर स्टेलोन ने अपने जीवन के एक चुनौतीपूर्ण समय को याद किया है। उन्होंने बताया कि जब वह 16 साल के थे, तब उन्हें एक सख्त स्कूल में पढ़ाई करनी पड़ी, जहां सजा के तौर पर उन्हें ‘स्नेक पिट’ नामक स्थान पर भेजा जाता था। अभिनेता ने कहा कि अपनी किताब ‘द स्टेप्स’ के इस हिस्से को लिखना उनके लिए बेहद कठिन था।
स्टेलोन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने लिखा, “यह ‘द स्टेप्स’ के सबसे कठिन हिस्सों में से एक था, जिसे लिखना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण रहा। मैं 16 साल का था और एक ऐसे स्कूल में पढ़ता था, जहां सजा के तौर पर हमें ‘स्नेक पिट’ भेजा जाता था।”
वीडियो में, अभिनेता ने बताया कि वह एक सख्त स्कूल में पढ़ते थे, जो सुधार गृह के समान था। वहां सजा मिलने पर छात्रों को एक विशेष इमारत में ले जाया जाता था, जिसे ‘स्नेक पिट’ कहा जाता था। उन्होंने कहा, “इस किताब के सबसे कठिन अध्यायों में से एक उस घटना के बारे में है, जो मेरे साथ तब हुई, जब मैं 16 साल का था। जब आपको सजा मिलती थी, तो आपको एक खास इमारत में ले जाया जाता था, जिसे स्नेक पिट कहा जाता था।”
स्टेलोन ने कहा कि वहां उन्हें कई डरावनी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनका सामना सामान्यतः नहीं होता। हालांकि, इन कठिन अनुभवों ने उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया।
अभिनेता ने कहा, “वहां आपको ऐसी चीजों का सामना करना पड़ता है, जिनसे आपका सामना शायद कभी नहीं होता। वे डरावनी चीजें होती हैं। मुझे लगा कि अगर मैं इस तरह की परिस्थितियों से जूझते हुए आगे बढ़ सकता हूं और खुद को मजबूत बना सकता हूं, तो जिंदगी में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहूंगा। और फिर ऐसा ही होता है।”
हॉलीवुड में स्टेलोन का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने 1970 में फिल्म ‘द पार्टी एट किटी एंड स्टड्स’ से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने ‘डाउनहिल रेसर’ और ‘बनानाज’ जैसी फिल्मों में छोटे किरदार निभाए। हालांकि, 1974 में आई फिल्म ‘द लॉर्ड्स ऑफ फ्लैटबुश’ में मुख्य भूमिका निभाने के बाद उन्हें पहचान मिली। इसके बाद 1976 में आई फिल्म ‘रॉकी’ ने उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध बना दिया। इस फिल्म में उन्होंने न केवल अभिनय किया, बल्कि इसकी पटकथा भी लिखी।
स्टेलोन को एक्शन सिनेमा के प्रमुख सितारों में गिना जाता है। ‘रॉकी’ के बाद उन्होंने ‘फर्स्ट ब्लड’ में PTSD से जूझ रहे सैनिक जॉन रैम्बो का किरदार निभाया। उन्होंने इस किरदार को पांच ‘रैम्बो’ फिल्मों में निभाया। इसके अलावा, वह ‘कोबरा’, ‘टैंगो एंड कैश’, ‘क्लिफहैंगर’, ‘डिमोलिशन मैन’ और ‘द स्पेशलिस्ट’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। अपने करियर के चरम पर, स्टेलोन की तुलना अक्सर अभिनेता अर्नोल्ड श्वार्जनेगर से की जाती थी।
बाद में, स्टेलोन ‘द एक्सपेंडेबल्स’ फ्रेंचाइजी में दिखाई दिए। 2013 में उन्होंने फिल्म ‘एस्केप प्लान’ में अभिनय किया, जिसके बाद इसके सीक्वल भी आए। वहीं, 2015 में फिल्म ‘क्रीड’ के जरिए उन्होंने एक बार फिर रॉकी बाल्बोआ के किरदार में वापसी की। इस फिल्म में उनका किरदार पूर्व प्रतिद्वंद्वी अपोलो क्रीड के बेटे एडोनिस क्रीड को प्रशिक्षण देता है।