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सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर दौरे पर सोनिया बंसल का समर्थन: धार्मिक आस्था का सम्मान जरूरी!

सोनिया बंसल ने सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन को लेकर उठे विवाद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था व्यक्तिगत मामला है और हर किसी को प्रार्थना करने का अधिकार होना चाहिए। सोनिया ने समाज में धर्म के नाम पर भेदभाव को लेकर चिंता जताई और कहा कि हमें एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना चाहिए। सारा अली खान की इस यात्रा के बाद विवाद शुरू हुआ, जिसमें एक इस्लामिक धर्मगुरु ने उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया।
 

सोनिया बंसल का सारा अली खान के समर्थन में बयान

मुंबई, 30 अक्टूबर। 'बिग बॉस 17' की चर्चित एक्ट्रेस सोनिया बंसल ने सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन को लेकर उठे विवाद का समर्थन किया है। सोनिया का मानना है कि किसी की धार्मिक आस्था व्यक्तिगत मामला है और हर व्यक्ति को अपनी इच्छा से किसी भी धार्मिक स्थल पर जाकर प्रार्थना करने का अधिकार होना चाहिए।


उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर किसी को जज करने के बजाय हमें प्यार, मानवता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए।


सोनिया ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''सारा अली खान एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं और हमेशा अपने दिल की सुनती हैं। वह कई बार केदारनाथ जा चुकी हैं। हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि वह फिल्म 'केदारनाथ' का हिस्सा रही हैं, जिसमें इस मंदिर की पृष्ठभूमि में आस्था, प्रेम और मानवता की कहानी दिखाई गई थी। मुझे समझ नहीं आता कि आशीर्वाद लेने जैसी व्यक्तिगत बात को विवाद का विषय क्यों बनाया जा रहा है। वह भी एक इंसान हैं, जो प्रार्थना करना और मानसिक शांति पाना चाहती हैं।''


उन्होंने यह भी कहा, ''कभी-कभी यह देखकर दुख होता है कि हम कितनी जल्दी हर चीज को धर्म से जोड़ देते हैं। बतौर समाज, हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं? क्या हम अपने बच्चों को प्यार और सम्मान सिखा रहे हैं या फिर पहले उनके बीच का भेद देखना सिखा रहे हैं? दुनिया आगे बढ़ रही है, लेकिन हम अब भी हिंदू और मुस्लिम पहचान को लेकर बहस में उलझे हुए हैं। हमें इस सोच से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।''


सोनिया ने कहा, ''मंदिर, मस्जिद और चर्च जैसे धार्मिक स्थल शांति और भक्ति का अनुभव करने के लिए होते हैं। अगर कोई मंदिर में सिर झुकाना चाहता है, मस्जिद में इबादत करना चाहता है या चर्च में जाकर सुकून पाना चाहता है, तो इससे किसी को क्या परेशानी होनी चाहिए? हर धार्मिक स्थल का सम्मान होना चाहिए और हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। हम सभी इंसान हैं, इससे पहले कि हम किसी पहचान को देखें।''


एक्ट्रेस ने आगे कहा, ''अगर हम एक-दूसरे की आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, तो हम अगली पीढ़ी के लिए किस तरह का समाज बना रहे हैं? किसी की नीयत पर धर्म के नाम पर सवाल उठाना दुखद है। आस्था एक बहुत निजी चीज है। जब कोई भगवान के सामने खड़े होकर आशीर्वाद मांगता है, तो उसके दिल में क्या चल रहा है, यह कोई और नहीं जान सकता। सारा एक ऐसी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने काम से दर्शकों का मनोरंजन किया है और लोगों के दिलों में जगह बनाई है। उन्हें उनके टैलेंट और व्यक्तित्व के लिए सराहना मिलनी चाहिए, न कि किसी धार्मिक स्थल पर जाने को लेकर विवाद में घसीटा जाना चाहिए। मैं आशा करती हूं कि हम नफरत कम और प्यार ज्यादा फैलाना सीखेंगे।''


गौरतलब है कि सारा अली खान 25 अक्टूबर को केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए गई थीं। इस दौरान उनकी कतार में खड़े होने की तस्वीरें भी सामने आई थीं। बाद में मंदिर के बाहर उन्हें हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए देखा गया। उनकी इस यात्रा के बाद विवाद शुरू हो गया, जिसमें एक इस्लामिक धर्मगुरु ने उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया है।