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सलिल चौधरी की याद में जैकी श्रॉफ ने किया भावुक श्रद्धांजलि अर्पित

प्रसिद्ध संगीतकार सलिल चौधरी की पुण्यतिथि पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। जैकी ने इंस्टाग्राम पर सलिल की एक तस्वीर साझा की और उनके योगदान को याद किया। सलिल चौधरी ने हिंदी, बंगाली और मलयालम सहित कई भाषाओं में संगीत दिया और कई अमर गाने बनाए। उनके संगीत करियर की शुरुआत 1949 में हुई थी, और उन्होंने कई दिग्गज गायकों के साथ काम किया। जानें उनके जीवन और संगीत के बारे में और अधिक जानकारी इस लेख में।
 

सलिल चौधरी की डेथ एनिवर्सरी पर श्रद्धांजलि


मुंबई, 5 सितंबर। प्रसिद्ध संगीतकार सलिल चौधरी की पुण्यतिथि शनिवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।


जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सलिल चौधरी की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की, जिसमें वह पियानो बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, "म्यूजिकल लेजेंड सलिल चौधरी को उनकी डेथ एनिवर्सरी पर याद करते हुए।"


सलिल चौधरी का निधन 5 सितंबर, 1995 को 69 वर्ष की आयु में हुआ था।


19 नवंबर, 1925 को बंगाल प्रेसीडेंसी के हरिनावी में जन्मे सलिल चौधरी को केवल एक संगीतकार के रूप में नहीं, बल्कि एक गीतकार, कवि, लेखक और थिएटर व्यक्तित्व के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने हिंदी, बंगाली और मलयालम सहित 13 भाषाओं में फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया।


वह बांसुरी, पियानो और एसराज जैसे वाद्ययंत्रों में भी कुशल थे। एक संगीतकार के रूप में उनकी पहली बंगाली फिल्म 1949 में 'परिवर्तन' थी। हिंदी सिनेमा में उनकी शुरुआत 1953 में बिमल रॉय की 'दो बीघा जमीन' से हुई।


1958 में बिमल रॉय की 'मधुमती' के लिए उनका संगीत उनके सबसे प्रसिद्ध कार्यों में से एक है। इस फिल्म में 'आजा रे परदेसी', 'सुहाना सफर और यह मौसम हसीन', 'दिल तड़प तड़प के कह रहा है' और 'घड़ी घड़ी मोरा दिल धड़के' जैसे यादगार गाने शामिल थे।


इसके बाद उन्होंने कई अन्य प्रसिद्ध गाने भी बनाए, जैसे परख का 'ओ सजना बरखा बहार आई', छाया का 'इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा', काबुलीवाला का 'ऐ मेरे प्यारे वतन', आनंद का 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए' और 'ज़िंदगी कैसी है पहेली' और छोटी सी बात का 'ना जाने क्यों'।


उन्होंने लता मंगेशकर, मुकेश, मन्ना डे, किशोर कुमार और आशा भोसले जैसे प्लेबैक सिंगिंग के दिग्गजों के साथ भी काम किया और ऐसी धुनें बनाई जो आज भी अमर मानी जाती हैं।


--News Media


एनएस/वीसी