सनी देओल का अधूरा सपना: पिता के डर ने रोका फॉर्मूला 1 रेसर बनने से
सनी देओल का रेसिंग का सपना
मुंबई, 15 अगस्त। माता-पिता की चिंता बच्चों के लिए हमेशा महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कभी-कभी यह चिंता उनके सपनों को प्रभावित कर सकती है। अभिनेता सनी देओल ने भी इस स्थिति का सामना किया, जब उनके पिता धर्मेंद्र के डर ने उन्हें अपने सपने से दूर कर दिया।
हाल ही में, सनी देओल ने 'कौन बनेगा करोड़पति' शो में अपने अधूरे सपने के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि वह एक पेशेवर फॉर्मूला 1 रेसिंग ड्राइवर बनना चाहते थे।
इस शो में मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सनी से पूछा, "क्या आपने कभी रेसिंग ड्राइवर बनने का सोचा था? फॉर्मूला 1 वगैरह?"
सनी ने कहा कि उन्हें ड्राइविंग का बहुत शौक था, लेकिन उनके पिता धर्मेंद्र की अत्यधिक सुरक्षा की वजह से यह सपना अधूरा रह गया। धर्मेंद्र का मानना था कि स्पोर्ट्स में जोखिम होता है।
सनी ने कहा, "मुझे ड्राइविंग का बहुत शौक था। लेकिन पापा की प्रोटेक्टिव नेचर के कारण हमें कभी इजाजत नहीं मिली। इसलिए मेरा सपना अधूरा रह गया।"
इस एपिसोड में सनी के साथ उनकी फिल्म 'बंटवारा 1947' के सह-कलाकार आमिर खान और प्रीति जिंटा भी शामिल थे।
हालांकि सनी ने रेसिंग में करियर नहीं बनाया, लेकिन उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक सफल करियर स्थापित किया और बॉलीवुड के प्रमुख एक्शन सितारों में से एक बन गए।
वह प्रीति जिंटा के साथ 'बंटवारा 1947' में नजर आ रहे हैं, जिसमें शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकार भी हैं। इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसे 14 अगस्त को दुनियाभर में रिलीज किया गया।