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श्रेयस तलपड़े: सुभाष घई ने की उनके अभिनय की तारीफ, जानें क्यों हैं खास!

श्रेयस तलपड़े, जो भारतीय सिनेमा में अपनी अदाकारी के लिए जाने जाते हैं, को प्रसिद्ध निर्देशक सुभाष घई ने सराहा है। उन्होंने श्रेयस के अभिनय कौशल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें सही पहचान नहीं मिली है। जानें श्रेयस के करियर की शुरुआत, उनकी प्रमुख फिल्में और सुभाष घई के साथ उनकी नई परियोजनाओं के बारे में।
 

श्रेयस तलपड़े की अदाकारी पर सुभाष घई की सराहना



मुंबई, 31 अगस्त (वेब वार्ता)। अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने भारतीय सिनेमा में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। प्रसिद्ध निर्देशक सुभाष घई ने उनके अभिनय की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्रेयस अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी को प्रभावित कर देते हैं।


सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर श्रेयस की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “चाहे वह फिल्म ‘इकबाल’ हो, ‘अपना सपना मनी मनी’, ‘धमाल’ या फिर ‘द इंडिया स्टोरी’, श्रेयस मुंबई के सबसे बहुपरकारी अभिनेताओं में से एक हैं। उन्हें कई बार हमारी फिल्म इंडस्ट्री में वह पहचान नहीं मिली है, जिसके वे हकदार हैं।”


उन्होंने आगे कहा, “फिल्म ‘इकबाल’ में गूंगे-बहरे क्रिकेटर का किरदार निभाकर श्रेयस ने हमें नेशनल अवॉर्ड दिलाया और ‘अपना सपना मनी मनी’ जैसी कॉमेडी फिल्म को सफल बनाया। हाल ही में, उन्होंने हमारी आगामी कोर्ट ड्रामा फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ के सेट पर अपने शानदार अभिनय से सभी को चौंका दिया।”


सुभाष घई ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “धन्यवाद श्रेयस, मुक्ता आर्ट्स में तुम्हारी वापसी हुई है और भविष्य में कई बेहतरीन फिल्में आने वाली हैं। हमेशा खुश रहो।”


श्रेयस तलपड़े के करियर की शुरुआत 2005 में नागेश कुकुनूर की फिल्म ‘इकबाल’ से हुई थी, जिसमें उन्होंने एक बहरे और मूक क्रिकेटर की भूमिका निभाई थी। उनके इस सरल और भावुक अभिनय को दर्शकों ने बहुत सराहा, जिससे उन्हें हिंदी सिनेमा में तेजी से पहचान मिली। यह फिल्म सुभाष घई के प्रोडक्शन हाउस मुक्ता आर्ट्स के तहत रिलीज हुई थी।


इसके बाद, उन्होंने ‘अपना सपना मनी मनी’ (2006) और शाहरुख खान के साथ ‘ओम शांति ओम’ (2007) में पप्पू मास्टर का किरदार निभाकर बड़ी सफलता प्राप्त की। रोहित शेट्टी की ‘गोलमाल’ श्रृंखला (गोलमाल रिटर्न्स, गोलमाल 3, गोलमाल अगेन) में ‘लक्ष्मण’ की भूमिका निभाकर उन्होंने कॉमेडी में अपनी पहचान बनाई।


इसके अलावा, श्रेयस ने ‘हाउसफुल 2’, ‘बॉम्बे टू बैंकॉक’ और ‘वाह ताज’ जैसी फिल्मों में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। अभिनय के साथ-साथ, उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी कदम रखा। उन्होंने मराठी फिल्म ‘पोस्टर बॉयज’ का निर्माण किया और इसके हिंदी रीमेक ‘पोस्टर बॉयज’ (2017) से बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत की।