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रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े आरोपी का खुलासा!

मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया मोड़ आया है। गिरफ्तार आरोपी गोलू पंडित का कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से सीधा संबंध है। गोलू ने बताया कि वह एक मध्यस्थ के जरिए गैंग के सरगना से संपर्क में था। पुलिस ने अब तक 14 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की जांच की दिशा!
 

मुंबई में फायरिंग का मामला


मुंबई, 2 अप्रैल। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के निवास पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी गोलू पंडित, जिसे प्रदीप शर्मा के नाम से भी जाना जाता है, का सीधा संबंध कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था।


गोलू ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह एक मध्यस्थ के माध्यम से वीपीएन का उपयोग कर गैंग के सरगना हेरी बॉक्सर से संपर्क में था, जो अमेरिका में स्थित है।


मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, गोलू पंडित ने पर्दे के पीछे रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन किया। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसने शूटर और गैंग के सदस्यों के बीच एक कड़ी का काम किया। उसने मुख्य शूटर दीपक को गैंग के सदस्यों से मिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उसे इस वारदात के लिए तैयार किया।


पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना के बाद गोलू पंडित फरार हो गया था और अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल नंबर और लोकेशन बदल ली थी। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी निगरानी की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगा लिया और अंततः उसे आगरा से गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उस मध्यस्थ की तलाश कर रही है, जिसके जरिए गोलू गैंग से संपर्क करता था।


जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कड़ी तक पहुंचना बेहद आवश्यक है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।


31 जनवरी की रात को जुहू में रोहित शेट्टी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। हमलावरों ने इमारत की पहली मंजिल को निशाना बनाते हुए कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।


जांच के दौरान पता चला कि इस हमले का उद्देश्य उगाही करना था। आरोपियों को पैसे का लालच देकर इस वारदात के लिए तैयार किया गया था। मुख्य शूटर दीपक शर्मा को 15 लाख रुपए देने का वादा किया गया था, जिसमें से 50 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे।


अब तक इस मामले में 14 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें शूटर, हथियार सप्लाई करने वाले और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।