राम चरण: साउथ सिनेमा का सुपरस्टार, बॉलीवुड में क्यों नहीं चला उनका जादू?
राम चरण का फिल्मी सफर
मुंबई, 26 मार्च। साउथ सिनेमा के मशहूर अभिनेता राम चरण को कौन नहीं जानता? एसएस राजामौली की फिल्म 'आरआरआर' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उनकी कई हिट फिल्में हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि बॉलीवुड में उनकी किस्मत कुछ खास नहीं रही।
27 मार्च 1985 को चेन्नई में जन्मे राम चरण की कहानी मेहनत और पारिवारिक विरासत का एक बेहतरीन उदाहरण है। वह तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी के बेटे हैं। हालांकि, उन्होंने कभी अपने पिता के नाम का सहारा नहीं लिया और अभिनय में करियर बनाने के लिए मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग स्कूल से प्रशिक्षण लिया।
राम चरण ने 2007 में 'चिरुथा' से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का पुरस्कार मिला। लेकिन उनकी असली पहचान 2009 में आई फिल्म 'मगधीरा' से बनी, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया। यह फिल्म तेलुगु सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई।
इसके बाद उन्होंने 'ऑरेंज', 'राचा', 'नायक' और 'येवादू' जैसी कई सफल फिल्में कीं। लेकिन 2022 में आई 'आरआरआर' ने उन्हें वैश्विक स्तर पर सुपरस्टार बना दिया। इस फिल्म ने 550 करोड़ के बजट में 1,300 करोड़ से अधिक की कमाई की और इसके गाने 'नाटू-नाटू' ने ऑस्कर अवॉर्ड जीता।
राम चरण ने इस गाने की शूटिंग के दौरान 12 दिन मेहनत की, जिसके चलते उन्हें घुटनों में दर्द भी हुआ। 'आरआरआर' की सफलता के बाद उनकी चर्चा हॉलीवुड तक पहुंच गई। हालांकि, बॉलीवुड में उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। 2013 में प्रियंका चोपड़ा और संजय दत्त के साथ 'जंजीर' के रीमेक में काम किया, लेकिन यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई।
कम लोग जानते हैं कि राम चरण एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने एयरलाइन कंपनी और पोलो राइडिंग क्लब जैसे कई व्यवसाय स्थापित किए हैं। उनके परिवार में भी कई फिल्मी सितारे हैं, जैसे उनके चाचा पवन कल्याण और नागेंद्र बाबू। उनके कजिन अल्लू अर्जुन भी साउथ सिनेमा के बड़े नाम हैं। राम चरण की दो बहनें, सुष्मिता और श्रीजा, मीडिया से दूर रहती हैं।