रानी मुखर्जी का मानना है: भारतीय महिलाएं हैं असली हीरो, जानें क्यों!
महिलाओं की शक्ति पर रानी मुखर्जी का जोर
नई दिल्ली, 31 जनवरी। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'मर्दानी 3' में अपने प्रभावशाली किरदार के लिए चर्चा में रहीं रानी मुखर्जी का मानना है कि महिलाएं असली नायिकाएं हैं और जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब देश भी मजबूत बनता है।
अभिनेत्री ने कहा कि वह हमेशा भारतीय महिलाओं को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना चाहती हैं। अपने कार्यों के माध्यम से, उन्होंने साहसी और मजबूत महिलाओं के किरदार निभाए हैं, जो समाज में प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
रानी ने एक विशेष बातचीत में कहा, "मैंने इस इंडस्ट्री में कदम रखा है, तब से मैं भारतीय महिलाओं को सबसे बेहतरीन तरीके से दिखाने का प्रयास कर रही हूं। चाहे वे पत्रकार हों, पुलिस अधिकारी हों, शिक्षिका हों या गृहिणी, मेरे लिए वे असली नायिकाएं हैं। मैं दुनिया को दिखाना चाहती हूं कि भारतीय महिलाएं कितनी खास और मजबूत हैं।"
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं का सशक्तीकरण देश की ताकत से जुड़ा हुआ है। रानी ने कहा, "जब भारतीय महिलाएं सशक्त होंगी, तभी हमारा देश मजबूत बन पाएगा। इसलिए मैं हमेशा इसी सोच के साथ फिल्में चुनती हूं।"
अपने करियर की शुरुआत से ही, रानी ने ऐसे किरदारों को चुना है जो महिलाओं की शक्ति को उजागर करते हैं। उनकी पहली फिल्म 'राजा की आएगी बारात' में रेप सर्वाइवर का किरदार, 'मेहंदी' में सामाजिक अन्याय से लड़ने वाली महिला, 'हिचकी' में टॉरेट सिंड्रोम से जूझती शिक्षिका, 'मर्दानी' श्रृंखला में निडर पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय, और 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' में बच्चों के लिए संघर्ष करने वाली मां देबिका चटर्जी, इन सभी ने महिलाओं की हिम्मत और संघर्ष को दर्शाया है।
रानी ने कहा, "हर भारतीय महिला के अंदर एक अद्वितीय शक्ति या 'सुपरपावर' होती है। मैं यह दिखाना चाहती हूं कि भारतीय महिलाएं कितनी खास हैं। वे अपने कर्तव्यों को खूबसूरती से निभाती हैं और पारिवारिक जीवन को संतुलित करती हैं। यही उन महिलाओं का प्रेरणादायक पहलू है जो यूनिफॉर्म पहनती हैं और शक्तिशाली पदों पर होती हैं।"
वह उन महिलाओं की सराहना करती हैं जो रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ती हैं। नेशनल अवॉर्ड विजेता रानी ने कहा, "ये महिलाएं अपनी ताकत के साथ हर दिन जीती हैं और हर मुश्किल को पार करती हैं। मैं उनसे बहुत प्रेरित हूं। मेरे निभाए हर किरदार से मुझे प्रेरणा मिली है।"
उन्होंने 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' की देबिका का उदाहरण देते हुए कहा कि ये मजबूत महिलाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती हैं। एक कलाकार के रूप में, रानी का मानना है कि उनका काम इन महिलाओं की कहानियों को जीवित करना है, ताकि दुनिया भर के लोग देख सकें कि वे क्या करती हैं और कितनी प्रेरणादायक हैं।