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राजेश रोशन: संगीत के जादूगर जिन्होंने अमिताभ बच्चन को गाने का मौका दिया

राजेश रोशन, एक प्रसिद्ध संगीतकार, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में मधुर संगीत और यादगार गानों का योगदान दिया है। उनका करियर 1974 में शुरू हुआ और उन्होंने अमिताभ बच्चन को गाने का पहला मौका दिया। जानें उनके जीवन की अनकही कहानियाँ और उनके द्वारा दिए गए हिट गानों के बारे में।
 

राजेश रोशन का संगीत सफर


मुंबई, 23 मई। जब भी हिंदी सिनेमा में मधुर संगीत और यादगार गानों का जिक्र होता है, राजेश रोशन का नाम अवश्य लिया जाता है। उन्होंने अपने संगीत से कई फिल्मों को खास बनाया और कई कलाकारों के करियर को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बहुत से लोग नहीं जानते कि महानायक अमिताभ बच्चन को पहली बार गाने का मौका राजेश रोशन ने ही दिया था। अपने पांच दशकों के करियर में, उन्होंने रोमांटिक गानों के जरिए दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाया।


राजेश रोशन का जन्म 24 मई 1955 को मुंबई में हुआ। उनका पूरा नाम राजेश रोशनलाल नागरथ है और वे प्रसिद्ध संगीतकार रोशनलाल नागरथ के पुत्र हैं। उनके बड़े भाई राकेश रोशन हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता, निर्माता और निर्देशक हैं, जबकि ऋतिक रोशन उनके भतीजे हैं। राजेश रोशन के पिता का निधन जब वे केवल 12 वर्ष के थे, जिसके बाद परिवार पर कठिन समय आया। उनकी मां इरा रोशन ने बच्चों को संभाला और संगीत से उनका संबंध बनाए रखा।


शुरुआत में राजेश का सपना संगीतकार बनने का नहीं था; वे सरकारी नौकरी करना चाहते थे। लेकिन उनकी मां उस्ताद फैयाज अहमद खान के पास संगीत सीखने जाती थीं, और राजेश भी उनके साथ जाते थे। धीरे-धीरे उनकी संगीत में रुचि बढ़ी और उन्होंने इसे गंभीरता से लेना शुरू किया। उन्होंने मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ सहायक के रूप में काम करना शुरू किया और लगभग पांच साल तक उनके साथ रहकर संगीत की बारीकियों को सीखा।


राजेश रोशन ने अपने करियर की शुरुआत 1974 में फिल्म 'कुंवारा बाप' से की, जिसमें गाना 'सज रही गली' काफी पसंद किया गया। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1975 में आई फिल्म 'जूली' से मिली, जिसके गाने 'दिल क्या करे', 'ये रातें नई पुरानी' और 'माई हार्ट इज बीटिंग' आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।


राजेश रोशन ने कई हिट फिल्मों में संगीत दिया, जैसे 'देश परदेस', 'मिस्टर नटवरलाल', 'काला पत्थर', 'कामचोर', 'करण अर्जुन', 'कहो ना... प्यार है', 'कोई... मिल गया' और 'कृष', जिनमें उनके गाने हर उम्र के लोगों द्वारा पसंद किए गए।


राजेश रोशन और अमिताभ बच्चन के बीच का एक दिलचस्प किस्सा 1979 में फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' के दौरान हुआ। राजेश ने अमिताभ से एक गाना गाने का प्रस्ताव रखा, जबकि अमिताभ ने पहले कभी गाया नहीं था। राजेश ने उन्हें 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गवाया, जो बच्चों और बड़ों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद अमिताभ ने कई फिल्मों में गाने गाए, लेकिन उनका गायन करियर राजेश रोशन के कारण ही शुरू हुआ।


अपने लंबे करियर में, राजेश रोशन ने दो बार फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड जीते। पहला अवॉर्ड 'जूली' के लिए और दूसरा 'कहो ना... प्यार है' के लिए, जिसने उनके भतीजे ऋतिक रोशन को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। राजेश ने लगभग 125 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया और बॉलीवुड को अनगिनत यादगार गाने दिए।