राजपाल यादव को हाई कोर्ट से बड़ा झटका: चेक-बाउंस मामले में फिर से जेल जाने का खतरा!
राजपाल यादव का चेक-बाउंस मामला
कुछ समय पहले, अभिनेता राजपाल यादव के चेक-बाउंस से जुड़े मामले ने काफी सुर्खियाँ बटोरी थीं। इस मामले को सुलझाने के लिए उन्हें कई बॉलीवुड हस्तियों से वित्तीय सहायता मिली थी, और फरवरी में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था। लेकिन अब उन्हें एक गंभीर झटका लगा है; अधिकारी उनके कार्यों को "संदिग्ध" मानते हुए उन्हें फिर से जेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं।
हाई कोर्ट का निर्णय
*Live Law* की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल की सजा को बरकरार रखा है, लेकिन सेशंस कोर्ट द्वारा दी गई मूल सजा में बदलाव किया गया है। कोर्ट ने राजपाल यादव को शिकायतकर्ता को कुल ₹1.05 करोड़ का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें शिकायतकर्ता को ₹1.04 लाख और ₹75,000, तथा राज्य को ₹25,000 का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट ने राजपाल की पत्नी राधा यादव को भी हर मामले में शिकायतकर्ता को ₹5,51,380 का भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राजपाल द्वारा पहले जमा किए गए ₹2.25 करोड़ को अंतिम भुगतान राशि में समायोजित किया जाएगा।
पिछले मामलों का इतिहास
राजपाल यादव पहले भी चेक-बाउंस मामलों में जेल जा चुके हैं। 2010 में, उन्होंने अपनी प्रोड्यूस की गई फिल्म *अता पता लापता* के लिए ₹5 करोड़ का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, और राजपाल समय पर लोन चुकता नहीं कर पाए। यह मामला एक लंबी कानूनी लड़ाई में बदल गया, क्योंकि भुगतान के लिए जारी किए गए चेक बार-बार बाउंस हो रहे थे। इस सिलसिले में, हाई कोर्ट ने पहले 2013 में राजपाल यादव को 10 दिनों के लिए जेल भेजा था; हालांकि, हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच में अपील के बाद, उन्हें चार दिनों के भीतर रिहा कर दिया गया था।