राजपाल यादव का आर्थिक संकट: 13 साल में 250 करोड़ का नुकसान, क्या है उनकी कहानी?
राजपाल यादव का आर्थिक नुकसान
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्हें पिछले 13 वर्षों में ₹200 से ₹250 करोड़ का व्यक्तिगत वित्तीय नुकसान हुआ है। 55 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और अपने कर्ज का भुगतान करेंगे, यहां तक कि अगर उन्हें लोगों के घर जाकर पैसे देने पड़ें। यह बयान तब आया जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने ₹16 करोड़ के कर्ज न चुकाने के कारण उनके पारिवारिक घर की नीलामी का नोटिस जारी किया।
कम फीस और विदेशी दौरे
राजपाल यादव ने बताया कि उन्हें सबसे अधिक आर्थिक नुकसान 2013 से 2016 के बीच हुआ। इस दौरान उन्होंने लगभग 50 विदेशी दौरे गंवाए और उनकी फीस में भी भारी कमी आई। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले उन्हें ₹100 मिलते थे, लेकिन अब केवल ₹10 मिलते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह कला के प्रति समर्पित हैं और पैसे से ज्यादा अपनी कला में सुधार को महत्व देते हैं।
'कर्जदारों को पैसे लौटाऊंगा'
अपनी आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए, राजपाल यादव ने कहा कि जिनसे उन्होंने पैसे उधार लिए हैं, उन्हें या तो उन्होंने पैसे लौटा दिए हैं या जल्द ही लौटाने का वादा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्होंने 200 लोगों से उधार लिया है, तो वह सभी को पैसे वापस करेंगे। राजपाल ने यह स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ₹5 करोड़ या ₹250 करोड़ में नहीं खरीद सकता। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक परेशानियाँ उनके पूरे करियर को परिभाषित नहीं करतीं, क्योंकि आज भी एयरपोर्ट पर 500 लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए खड़े होते हैं।
बैंक की कानूनी कार्रवाई
कर्ज न चुकाने के कारण सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने राजपाल यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने बैंक की मुंबई शाखा से अपनी पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर ₹16.61 करोड़ का कर्ज लिया था। बैंक ने शाहजहांपुर में उनके पारिवारिक घर पर अटैचमेंट नोटिस जारी किया है।
चेक बाउंस मामला
राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला 2010 में शुरू हुआ, जब उन्होंने अपनी फिल्म *अता पता लापता* के लिए ₹5 करोड़ उधार लिए थे। यह फिल्म 2012 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। चेक बाउंस का मामला 2013 से अदालत में चल रहा है। जुलाई में, दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया और लोन चुकाने के उनके इरादे पर सवाल उठाए। इससे पहले, उन्होंने फरवरी 2016 में तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। वर्तमान में, वह अक्षय कुमार के साथ *हेवन* और सलमान खान के साथ *SVC 63* की तैयारी कर रहे हैं।
राजपाल यादव का करियर
राजपाल यादव ने *हंगामा* और *हलचल* जैसी फिल्मों से 'कॉमेडी किंग' का खिताब हासिल किया। उन्हें *हंगामा* (2003), *गरम मसाला* (2005), *चुप चुप के* (2006), *फिर हेरा फेरी* (2006) और *भूल भुलैया* (2007) जैसी फिल्मों में उनके कॉमिक किरदारों के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रियदर्शन के साथ कई सफल कॉमेडी फिल्में की हैं।
पुरस्कार और सम्मान
राजपाल यादव को 'यश भारती अवॉर्ड' जैसे सम्मान प्राप्त हुए हैं, जो उत्तर प्रदेश राज्य का सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्हें यह सम्मान 2003 की फिल्म *मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं* के लिए दिया गया। हालांकि, उन्होंने फिल्मफेयर और IIFA जैसे पुरस्कारों में 'बेस्ट कॉमिक एक्टर' के लिए नॉमिनेट होने के बावजूद कोई पुरस्कार नहीं जीता।
संघर्ष की कहानी
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से पढ़ाई पूरी करने के बाद, राजपाल यादव मुंबई चले गए। उन्होंने संघर्ष के दिनों में अपने घर पर अन्य संघर्षरत कलाकारों को खाना खिलाया। एक इंटरव्यू में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि राजपाल का घर एक लंगर जैसा था।
व्यक्तिगत जीवन
राजपाल यादव की पहली पत्नी करुणा की मृत्यु उनकी बेटी ज्योति के जन्म के 15 मिनट बाद हो गई। उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी राधा से कनाडा में मुलाकात की और 10 जून, 2003 को शादी की। 2016 में, उन्होंने 'सर्व संभव पार्टी' नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी की स्थापना की।