राजकुमार हिरानी ने शाहरुख खान की मेहनत की तारीफ की, नए और पुराने कलाकारों में क्या है अंतर?
राजकुमार हिरानी का कलाकारों के प्रति नजरिया
मुंबई, 29 जून। फिल्म उद्योग में कलाकारों की कार्यशैली का प्रभाव निर्माता-निर्देशकों पर गहरा होता है। सेट पर उनकी सोच और काम के प्रति दृष्टिकोण ही उनकी पहचान बनाता है। इस विषय पर फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी ने खुलकर चर्चा की। उन्होंने सुपरस्टार शाहरुख खान का उदाहरण देते हुए बताया कि वह अपने रिहर्सल वीडियो रोजाना भेजते हैं, जबकि कुछ कलाकार सेट पर थकान का प्रदर्शन करते हैं।
राजकुमार हिरानी ने कहा, ''मैंने अपने करियर में कई प्रसिद्ध और विभिन्न पीढ़ियों के कलाकारों के साथ काम किया है, लेकिन मेरे लिए असली अंतर उम्र या अनुभव में नहीं, बल्कि सोच में होता है। शाहरुख खान, आमिर खान, संजय दत्त और अरशद वारसी जैसे कलाकार अपने काम के प्रति बेहद समर्पित हैं और हर सीन को गंभीरता से लेते हैं। इसी तरह, नए कलाकार जैसे रणबीर कपूर और विक्की कौशल भी अपने काम में उतनी ही मेहनत और लगन दिखाते हैं।''
हिरानी ने आगे कहा, ''यह कहना गलत होगा कि पुराने कलाकार अधिक सहनशील होते हैं और नए कलाकार जल्दी थक जाते हैं। यह पूरी तरह से व्यक्ति की आदत और पेशेवर दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। कुछ कलाकार सेट पर थकान दिखाते हैं, लेकिन कई ऐसे भी होते हैं जो हर सीन को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत करते रहते हैं।''
इस बातचीत में, राजकुमार हिरानी ने शाहरुख खान के काम करने के तरीके पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ''शाहरुख हर दिन शूटिंग के बाद अपनी रिहर्सल को मोबाइल में रिकॉर्ड करते हैं और उसे निर्देशक को भेजते हैं। वह चाहते हैं कि निर्देशक उनके प्रदर्शन को देखकर सुझाव दें, ताकि वह हर बार अपने काम में सुधार कर सकें। यह आदत किसी नए कलाकार जैसी लगती है, जो सीखने की प्रक्रिया में होता है और हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता है।''
उन्होंने बताया, ''शाहरुख खान इतने बड़े स्टार हैं, लेकिन उनमें किसी प्रकार का घमंड नहीं है और वह हर सुझाव को खुले दिल से स्वीकार करते हैं। वह हर फिल्म में कुछ नया और बेहतर करने की कोशिश करते हैं और अपने किरदार को और मजबूत बनाते हैं।''
राजकुमार हिरानी ने रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ काम करने के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा, ''रणबीर कपूर शूटिंग के लिए काफी पहले से तैयारी करके आते हैं और अपने किरदार को गहराई से समझते हैं। वहीं विक्की कौशल भी हर सीन पर निर्देशक के साथ बैठकर चर्चा करते हैं और पूरी ईमानदारी के साथ अपने किरदार को निभाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे कलाकार भी होते हैं जो उतनी मेहनत नहीं करते और अपने काम को सीमित तरीके से करते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि असली फर्क कलाकार की सोच और उसके काम के प्रति रवैये में होता है, न कि सिर्फ उसकी उम्र या अनुभव में।''