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राजकुमार राव ने हिंदी सिनेमा की चुनौतियों पर की खुलकर चर्चा

राजकुमार राव ने हाल ही में हिंदी सिनेमा की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे औसत फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल हो जाती हैं, जबकि बेहतरीन फिल्में चर्चा में नहीं आतीं। राव ने कहानी कहने की कमी और पुराने समय के फिल्मकारों की ईमानदारी की भी सराहना की। क्या सिनेमा में कहानी का जज्बा खो गया है? जानें पूरी कहानी में।
 

राजकुमार राव का सिनेमा पर विचार


मुंबई, 1 दिसंबर। प्रसिद्ध अभिनेता राजकुमार राव ने हाल ही में हिंदी सिनेमा की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने मुंबई में आयोजित 12वीं सीआईआई कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उन्होंने कहा कि आजकल कई बेहतरीन फिल्में भी सफल नहीं हो पातीं, जबकि औसत फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट हो जाती हैं।


राजकुमार ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं अभी भी सीख रहा हूं। कभी-कभी साधारण फिल्में भी दर्शकों का दिल जीत लेती हैं, जबकि कुछ बेहतरीन फिल्में चर्चा में नहीं आतीं। यह सब एल्गोरिदम और डेटा का खेल लगता है, जिसे हम क्रिएटिव लोग समझ नहीं पाते।"


उन्होंने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा, "जब महान फिल्मकार और कलाकार फिल्में बनाते थे, तो वे अपनी कहानी को ईमानदारी से पेश करते थे, बिना यह सोचे कि उनकी टारगेट ऑडियंस कौन है। आज हम इस सच्चाई को खोते जा रहे हैं।"


राजकुमार ने निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी की भी सराहना की, जिन्होंने फिल्म 'कांतारा' में शानदार काम किया। उन्होंने कहा, "ऋषभ ने दिल से एक कहानी बनाई, जिसने लोगों पर गहरा प्रभाव डाला। मैं एक अभिनेता और क्रिएटिव व्यक्ति के रूप में ऐसी ईमानदारी की कमी महसूस करता हूं। आजकल लोग मेहनत तो करते हैं, लेकिन कहानी कहने का असली जज्बा कम होता जा रहा है।"