राज बब्बर की फिल्में अमिताभ बच्चन की वजह से रह गईं अधूरी, जानें उनके संघर्ष की कहानी
राज बब्बर का करियर और संघर्ष
मुंबई, 22 जून। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता राज बब्बर ने अपने करियर में विभिन्न प्रकार की भूमिकाएँ निभाई हैं और दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने कभी नायक का किरदार निभाया, तो कभी नकारात्मक भूमिकाएँ अदा कीं, जो दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ गईं। लेकिन उनके जीवन में एक ऐसा समय भी आया जब उन्हें लगा कि कई फिल्में बड़े सितारों के कारण उनके हाथ से निकल गईं, जिनमें अमिताभ बच्चन का नाम भी शामिल है।
राज बब्बर का जन्म 23 जून 1952 को उत्तर प्रदेश के टूंडला में हुआ। बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था और स्कूल के दिनों से ही वे मंच पर प्रदर्शन करते थे। अपने इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से अभिनय की शिक्षा ली। एनएसडी से स्नातक होने के बाद, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।
राज बब्बर ने 1977 में फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, शुरुआत में उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। लेकिन 1980 में आई फिल्म 'इंसाफ का तराजू' ने उनकी किस्मत बदल दी, जिसमें उन्होंने एक नकारात्मक भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया।
हालांकि, करियर की शुरुआत में राज बब्बर को कुछ ऐसे अनुभव भी मिले, जिन्हें वे आज तक नहीं भूल पाए। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म 'शक्ति' के लिए चुना गया था और उनका स्क्रीन टेस्ट भी हुआ था। लेकिन बाद में निर्माताओं ने उनकी जगह अमिताभ बच्चन को कास्ट कर लिया।
राज बब्बर ने कहा कि उस समय अमिताभ बच्चन एक बड़े सितारे थे और फिल्म के निर्माताओं को लगा कि उनके नाम से फिल्म को अधिक लाभ होगा।
इसी तरह, फिल्म 'नमक हलाल' के लिए भी राज बब्बर ने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फिल्म के लिए साइन किया गया था, लेकिन बाद में उनकी जगह एक बड़े सितारे को ले लिया गया। राज बब्बर ने कहा कि कई बार ऐसा लगा कि जो अवसर उन्हें मिलना चाहिए था, वह किसी और के पास चला गया। हालांकि, उन्होंने इसे सिर्फ किस्मत और फिल्म इंडस्ट्री के निर्णय का हिस्सा माना।
दिलचस्प बात यह है कि जिन अमिताभ बच्चन की वजह से राज बब्बर के हाथ से कुछ फिल्में निकल गई थीं, बाद में उन्होंने उन्हीं के साथ काम भी किया। राज बब्बर और अमिताभ बच्चन ने 'याराना' जैसी फिल्मों में एक साथ स्क्रीन साझा किया।
राज बब्बर ने अपने करियर में 'निकाह', 'उमराव जान', 'प्रेम गीत', 'आज की आवाज', 'अगर तुम न होते', 'संसार', 'फैशन', 'बॉडीगार्ड' जैसी कई फिल्मों में यादगार प्रदर्शन किया। उन्होंने न केवल फिल्मों में, बल्कि टीवी और वेब सीरीज में भी अभिनय किया।
अभिनय के अलावा, राज बब्बर ने राजनीति में भी कदम रखा। उन्होंने 1989 में राजनीति की शुरुआत की और लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे।