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रश्मि देसाई की मां के साथ भावुक बातचीत: क्या काम ने लिया परिवार से समय?

अभिनेत्री रश्मि देसाई ने हाल ही में राजीव खंडेलवाल के शो में अपनी मां के साथ भावनात्मक बातचीत की। उन्होंने अपने करियर की व्यस्तता के कारण मां के साथ समय न बिता पाने पर अपराधबोध व्यक्त किया। रश्मि ने बताया कि उनकी मां से मिली सीख ने उनके जीवन को आकार दिया है। जानें इस दिलचस्प बातचीत में और क्या बातें हुईं।
 

रश्मि देसाई की मां के साथ भावनात्मक पल




मुंबई, 31 मई। हाल ही में, अभिनेत्री रश्मि देसाई ने राजीव खंडेलवाल के रियलिटी शो ‘तुम हो ना -घर की सुपरस्टार’ में अपनी मां रसीला देसाई के साथ भाग लिया। इस एपिसोड में, रश्मि ने मां-बेटी के रिश्ते और परिवार को समय न दे पाने के बारे में खुलकर बात की।


इस बातचीत के दौरान, रश्मि ने स्वीकार किया कि अपने व्यस्त करियर के कारण वह अपनी मां के साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पातीं, और इस बात का उन्हें गहरा अपराधबोध होता है।


राजीव खंडेलवाल ने रश्मि की मां से पूछा कि क्या उनकी बेटी घर में भी उतने ही नखरे करती हैं, जितना कि आमतौर पर कलाकारों के बारे में कहा जाता है। इस पर रसीला ने मुस्कुराते हुए कहा कि रश्मि आमतौर पर ज्यादा नखरे नहीं करतीं, लेकिन कभी-कभी ऐसा हो जाता है।


रसीला ने बताया कि काम की व्यस्तता के कारण रश्मि का अधिकांश समय घर से बाहर ही बीतता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय ऐसा था जब दोनों अपने-अपने काम में इतने व्यस्त रहते थे कि बातचीत के लिए भी समय नहीं मिल पाता था। अब रिटायरमेंट के बाद, रसीला चाहती हैं कि रश्मि उनके साथ अधिक समय बिताएं ताकि वे खुलकर बातें कर सकें।


मां की यह बात सुनकर रश्मि भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें एहसास है कि वह अपनी मां को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही हैं, और यह बात उन्हें अंदर से परेशान करती है।


रश्मि ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी सीख उनकी मां से मिली है। उन्होंने अपनी मां को हमेशा मेहनत करते देखा है। रसीला देसाई कम नींद में भी समर्पण के साथ काम करती थीं, और यही अनुशासन रश्मि के स्वभाव का हिस्सा बन गया।


अभिनेत्री ने साझा किया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में काम करना शुरू किया था। जब वह 16 साल की थीं, तब से उन्होंने और उनके भाई ने मेहनत करने की आदत डाल ली थी। उनके परिवार में हमेशा कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने पर जोर दिया जाता है।


रश्मि ने कहा कि आज भी जब उन्हें काम से थोड़ा समय मिलता है, तब वह खुद को नई चीजें सीखने या किसी गतिविधि में व्यस्त रखती हैं। हालांकि, अब उन्हें यह भी महसूस होता है कि परिवार और खासकर मां के साथ बिताया गया समय उतना ही महत्वपूर्ण है।