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रवीना टंडन: एक्ट्रेस से ज्यादा, एक प्रेरणा की कहानी

रवीना टंडन, बॉलीवुड की एक प्रमुख अदाकारा, ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में दो बच्चियों की जिम्मेदारी लेने का साहसिक निर्णय लिया। जानें कैसे उन्होंने अपने करियर में सफलता पाई और सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया। उनकी कहानी प्रेरणा से भरी है, जो न केवल एक अभिनेत्री की है, बल्कि एक मजबूत महिला की भी है।
 

रवीना टंडन का अद्वितीय सफर

मुंबई, 25 अक्टूबर। बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा रवीना टंडन को उनकी बेहतरीन फिल्मों और यादगार गानों के लिए जाना जाता है। 90 के दशक में उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया और तेजी से एक प्रमुख सितारे के रूप में उभरीं। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं है; यह एक साहसी निर्णय की भी है। जब वह अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं, तब महज 21 साल की उम्र में उन्होंने दो बच्चियों की जिम्मेदारी लेने का साहसिक कदम उठाया। उस समय उनकी शादी नहीं हुई थी।


रवीना ने पूजा और छाया को अपने साथ रखा और उनकी परवरिश की जिम्मेदारी संभाली। उस समय उनके इस निर्णय पर कई सवाल उठे, लेकिन उन्होंने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए बच्चियों को एक बेहतर जीवन देने पर ध्यान केंद्रित किया।


रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1972 को मुंबई में हुआ। उनके पिता, रवि टंडन, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध निर्देशक थे। घर में फिल्मी माहौल होने के कारण रवीना को बचपन से ही इस दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिला। हालांकि, उन्होंने अपनी मेहनत से इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।


रवीना ने 1991 में फिल्म 'पत्थर के फूल' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उनके साथ सलमान खान थे। इस फिल्म में उनके प्रदर्शन को सराहा गया और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'दिलवाले', 'मोहरा', 'लाडला' और 'अंदाज अपना अपना' जैसी हिट फिल्मों में काम किया। वह 90 के दशक में हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक बन गईं।


1994 में आई फिल्म 'मोहरा' उनके करियर की एक महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म के गाने 'तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त' और 'टिप टिप बरसा पानी' बेहद लोकप्रिय हुए। विशेष रूप से 'टिप टिप बरसा पानी' में उनके डांस को आज भी याद किया जाता है।


इस दौरान, रवीना की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। 1995 में, उन्होंने अपनी रिश्तेदार की बेटियों पूजा और छाया की जिम्मेदारी लेने का निर्णय लिया। रवीना ने कई इंटरव्यू में बताया कि वह बचपन से अपनी मां के साथ अनाथालयों में जाती थीं और जरूरतमंद बच्चों की मदद करने वाले कार्यों को देखती थीं। जब उन्होंने अपनी रिश्तेदार की बच्चियों को ऐसी स्थिति में देखा, जहां उन्हें बेहतर देखभाल की आवश्यकता थी, तो उन्होंने उन्हें अपने साथ रखने का निर्णय लिया।


रवीना ने 2021 में 'फिल्मफेयर' को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि पूजा और छाया उनकी रिश्तेदार की बेटियां थीं। उनकी मां के निधन के बाद बच्चियों की देखभाल को लेकर चिंता थी। रवीना ने परिवार से बात की और उनकी कानूनी अभिभावक बनने की जिम्मेदारी ली। उस समय वह केवल 21 साल की थीं।


रवीना ने यह निर्णय ऐसे समय लिया, जब वह खुद अपने करियर में आगे बढ़ रही थीं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि दो बच्चियों की जिम्मेदारी लेने के बाद शायद कोई उनसे शादी नहीं करेगा। लेकिन रवीना का मानना था कि जो व्यक्ति उनसे प्यार करेगा, वह उनके परिवार को भी अपनाएगा। उन्होंने बाद में फिल्म वितरक अनिल थडानी से शादी की, जो 2004 में हुई। इस शादी से उनके दो बच्चे हुए, बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन।


रवीना ने आगे चलकर 'दमन', 'सत्ता', 'शूल' और 'मातृ' जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिकाएं भी निभाईं। उन्हें फिल्म 'दमन' में घरेलू हिंसा से जूझ रही महिला की भूमिका के लिए 2002 में बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने फिल्मों के साथ ओटीटी पर भी काम किया। उन्होंने नेटफ्लिक्स की सीरीज 'अरण्यक' में पुलिस अधिकारी कस्तूरी डोगरा के किरदार में काफी चर्चा बटोरी।


फिल्मों और सामाजिक कार्यों में उनके योगदान के लिए रवीना टंडन को 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।