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रवि बहल: जब फिल्मों में संघर्ष के बाद टीवी ने दी नई पहचान!

रवि बहल की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जिसमें संघर्ष और सफलता का अद्भुत मेल है। 90 के दशक के इस अभिनेता ने फिल्मों में काम न मिलने पर कपड़ों के व्यवसाय में जाने का विचार किया, लेकिन किस्मत ने उन्हें टीवी शो 'बूगी वूगी' के जरिए नई पहचान दिलाई। जानें कैसे उन्होंने अपने करियर में बदलाव किया और आज भी लोग उन्हें याद करते हैं।
 

रवि बहल का संघर्ष और सफलता की कहानी




मुंबई, 9 मई। बॉलीवुड की चकाचौंध को देखकर अक्सर यह धारणा बनती है कि फिल्म उद्योग में काम करने वाले कलाकारों की जिंदगी हमेशा सुखद होती है, लेकिन वास्तविकता इससे भिन्न है। कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने शानदार शुरुआत की, लेकिन धीरे-धीरे उनके करियर में गिरावट आई। इनमें से एक हैं 90 के दशक के अभिनेता रवि बहल।


रवि बहल के जीवन में एक ऐसा समय आया जब उन्हें फिल्मों में काम पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इस कठिनाई के दौरान, उन्होंने अभिनय छोड़कर कपड़ों के व्यवसाय में जाने का विचार किया। लेकिन किस्मत ने उन्हें एक नया मोड़ दिया, जिसने उन्हें फिर से पहचान दिलाई।


रवि बहल का जन्म 10 मई 1966 को मुंबई में हुआ। वह एक प्रसिद्ध फिल्मी परिवार से हैं, उनके पिता श्याम बहल एक जाने-माने फिल्म निर्माता थे। बचपन से ही फिल्मी माहौल में रहने के कारण, रवि ने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने 1980 में फिल्म 'मोर्चा' से अपने करियर की शुरुआत की और 1984 में 'इंतिहा' में नजर आए।


रवि को असली पहचान फिल्म 'नरसिम्हा' से मिली, जिसमें सनी देओल और उर्मिला मातोंडकर मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म का गाना 'हमसे तुम दोस्ती कर लो' उस समय बहुत हिट हुआ। इस गाने में रवि का स्टाइल और डांस लोगों को बहुत पसंद आया। उस समय वह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए थे।


इसके बाद उन्होंने 'दलाल', 'अग्नि साक्षी' और 'गुलाम-ए-मुस्तफा' जैसी कई फिल्मों में काम किया। उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ, नाना पाटेकर और रवीना टंडन जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया। हालांकि, उन्हें वह स्टारडम नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी।


धीरे-धीरे उनका करियर कमजोर पड़ने लगा और उन्हें छोटे किरदार मिलने लगे। इस कठिन समय में रवि ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने अभिनय छोड़ने का विचार किया और कपड़ों के व्यवसाय में जाने की योजना बनाई। उन्हें लगा कि फिल्मों में उनके लिए अब कोई अवसर नहीं बचे हैं, लेकिन जीवन ने उनके लिए कुछ और ही तय किया था।


1996 में उनकी मुलाकात जावेद जाफरी से हुई और दोनों ने मिलकर टीवी शो 'बूगी वूगी' की शुरुआत की। यह शो भारतीय टेलीविजन का सबसे लोकप्रिय डांस शो बन गया। रवि का मजाकिया अंदाज और डांस ने उन्हें फिर से पहचान दिलाई और आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया।


एक समय जब रवि फिल्में छोड़ने के बारे में सोच रहे थे, वहीं अब वह टीवी की दुनिया का बड़ा चेहरा बन गए। 'बूगी वूगी' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। आज भी लोग उन्हें उसी शो और 90 के दशक की फिल्मों के लिए याद करते हैं। लंबे समय बाद उन्होंने वेब सीरीज 'द नाइट मैनेजर' से वापसी की, जहां उनके अभिनय की सराहना हुई।