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मारूफ रजा का निधन: अनुपम खेर ने साझा किया भावुक संदेश

रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व सैन्य अधिकारी मारूफ रजा का 26 फरवरी को निधन हो गया। अनुपम खेर ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने रजा की साहसिकता और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया। जानें उनके जीवन और कार्यों के बारे में अधिक जानकारी।
 

रक्षा विशेषज्ञ मारूफ रजा का निधन


मुंबई, 27 फरवरी। रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ और पूर्व सैन्य अधिकारी मारूफ रजा का 67 वर्ष की आयु में 26 फरवरी को निधन हो गया।


रजा ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन पर अभिनेता अनुपम खेर ने शोक व्यक्त किया है। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और उन्होंने कई मुद्दों पर विचार साझा किए थे। अनुपम ने सोशल मीडिया पर अपने अंतिम मुलाकात का किस्सा साझा किया।


अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मारूफ रजा की तस्वीर साझा करते हुए दुख व्यक्त किया। रजा लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे, लेकिन उनका निधन सभी के लिए एक सदमा था।


अभिनेता ने लिखा, "मारूफ रजा के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ। वे एक प्रिय मित्र, साहसी आत्मा और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे। उन्होंने कैंसर के खिलाफ लंबी और गरिमापूर्ण लड़ाई लड़ी। बीमारी के बावजूद, वे हमेशा साहस और शालीनता का परिचय देते रहे। जब मैंने उनसे आखिरी बार बात की, तब भी वे अपने गर्म और स्नेही स्वभाव में थे।"


उन्होंने आगे कहा, "मारूफ राष्ट्रीय सुरक्षा पत्रकारिता में एक मार्गदर्शक थे। जब भी वे टीवी पर बोलते थे, मैं ध्यान से सुनता था क्योंकि उनकी बातें ज्ञान और जिम्मेदारी से भरी होती थीं। उनकी अंतर्दृष्टि हमेशा प्रभावशाली होती थी, लेकिन अब उनकी गर्मजोशी की कमी खलेगी। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं, ओम शांति।"


यह भी उल्लेखनीय है कि मारूफ रजा, राजस्थान के अजमेर स्थित मेयो कॉलेज के पूर्व छात्र और 1975 बैच के पूर्व स्कूल कप्तान थे। वे टेलीविजन डिबेट्स में भाग लेते थे और राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों, और भारत-पाकिस्तान संबंधों पर अपनी कड़ी राय रखते थे। पूर्व सेना अधिकारी को उनके अनोखे दृष्टिकोण के लिए जाना जाता था। उन्होंने दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, वाशिंगटन स्थित हेनरी एल. स्टिमसन सेंटर और किंग्स कॉलेज लंदन के युद्ध अध्ययन विभाग में विजिटिंग फेलोशिप प्राप्त की थी।


--News Media


पीएस/एएस