मल्लिका शेरावत: नाम बदलने की कहानी और मां का साथ
मल्लिका शेरावत का सफर
मुंबई, 24 अक्टूबर। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाई है। उन्होंने न केवल अपने करियर में अनोखे किरदारों का चयन किया, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी कई कठिन निर्णय लिए। मल्लिका ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत के बाद अपना नाम बदलने का निर्णय लिया। वह अक्सर बताती हैं कि उनके नाम के पीछे उनकी मां का समर्थन, परिवार की सोच और अपनी पहचान बनाने की चाह शामिल है।
मल्लिका का जन्म 24 अक्टूबर 1976 को हरियाणा में हुआ। उनका असली नाम रीमा लांबा है। 2021 में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखें। उन्हें डर था कि इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा, जिसके चलते उन्होंने रीमा को परिवार से अलग करने की बात भी कही थी।
इस घटना को मल्लिका ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि जब उनके पिता ने नाम खराब करने की बात की, तो उन्होंने अपने पिता का सरनेम छोड़कर अपनी मां का सरनेम अपनाने का निर्णय लिया।
2005 में एक इंटरव्यू में मल्लिका ने कहा था कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियां रीमा नाम से थीं। इसलिए उन्होंने एक ऐसा नाम चुना, जिससे उनकी अलग पहचान बने। उन्हें 'मल्लिका' नाम पसंद आया, जिसका अर्थ 'महारानी' होता है। 'शेरावत' उनके मां का नाम है। मल्लिका ने कहा कि उनकी मां हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं, इसलिए उनके नाम को अपनाना उनके लिए सम्मान की बात थी।
मल्लिका ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में फिल्म 'जीना सिर्फ मेरे लिए' से की। इसके बाद 2003 में फिल्म 'ख्वाहिश' में मुख्य भूमिका निभाई। हालांकि, उन्हें असली पहचान 2004 में आई फिल्म 'मर्डर' से मिली, जिसमें उनके बोल्ड किरदार ने काफी चर्चा बटोरी। इस पहचान के साथ उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा।
मल्लिका ने हिंदी फिल्मों के अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है। उन्होंने जैकी चैन के साथ 'द मिथ' में अभिनय किया और 'प्यार के साइड इफेक्ट्स', 'वेलकम' और 'डबल धमाल' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाए रखी।