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भोजपुरी स्टार पवन सिंह बने भाजपा के एमएलसी उम्मीदवार, परिवार में खुशी का माहौल!

भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। उनके परिवार में खुशी का माहौल है, और उनके भाई गुड्डू सिंह ने इस पर अपनी खुशी व्यक्त की है। पवन सिंह ने भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। जानें उनके राजनीतिक सफर और परिवार की प्रतिक्रिया के बारे में।
 

पवन सिंह का राजनीतिक सफर


पटना, 8 जून। भोजपुरी सिनेमा के मशहूर 'पावर स्टार' पवन सिंह को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। इस संदर्भ में उनके बड़े भाई गुड्डू सिंह ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पवन ने भोजपुरी इंडस्ट्री में जो पहचान बनाई है, उसी तरह वह राजनीति में भी परिवार का नाम रोशन करेंगे।


गुड्डू सिंह ने कहा, ''पवन सिंह को एमएलसी के लिए उम्मीदवार बनाए जाने पर हम बेहद खुश हैं। अगर वह एमएलसी बन जाते हैं, तो हमारी खुशी और भी बढ़ जाएगी। उन्होंने जो पहचान अभिनेता और गायक के रूप में बनाई है, उसी तरह नेता के रूप में भी वह हमें गर्वित करेंगे। हम भाजपा का दिल से धन्यवाद करते हैं कि उसने पवन पर विश्वास जताया।''


इस बीच, पवन सिंह ने भी भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ''मैं पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है।''


पवन ने आगे कहा, ''मैं बिहार की जनता को दिल से नमन करता हूं और वादा करता हूं कि मैं अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।''


गौरतलब है कि भाजपा ने 5 जून को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें पवन सिंह के अलावा संजय मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित का नाम भी शामिल था। हालांकि, पवन सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।


पवन सिंह ने 2014 में भाजपा की सदस्यता ली थी और तब से पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनका नाम आसनसोल सीट से उम्मीदवार के रूप में चर्चा में आया था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।