भारतीय संगीत की दिग्गज Asha Bhosle का निधन: संगीत प्रेमियों में शोक की लहर
Asha Bhosle का निधन
प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले का निधन रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। उनकी उम्र 92 वर्ष थी। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है। सोमवार को उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, और उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर किया गया।
अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि
सुबह उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके मुंबई स्थित निवास 'कासा ग्रांडे' में रखा गया। यहां बड़ी संख्या में प्रशंसकों, फिल्म उद्योग की हस्तियों और संगीत प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
भावुक विदाई
अंतिम संस्कार के समय बॉलीवुड और संगीत जगत के कई कलाकार वहां मौजूद थे। भावुक माहौल में कई गायकों ने उनके प्रसिद्ध गीत 'अभी ना जाओ छोड़कर' गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह दृश्य वहां उपस्थित सभी के लिए अत्यंत भावनात्मक था।
आशा भोसले का करियर
आशा भोसले का करियर लगभग 82 वर्षों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उन्हें भारतीय संगीत में उनकी बहुमुखी प्रतिभा और अद्वितीय गायन शैली के लिए जाना जाता है। अपने लंबे करियर में, उन्होंने 9 फिल्मफेयर अवार्ड सहित 100 से अधिक पुरस्कार प्राप्त किए।
उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी नवाजा गया, जो उनके अमूल्य योगदान को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय विवाद
हालांकि, उनके निधन की खबरों के अंतरराष्ट्रीय कवरेज को लेकर विवाद भी उठ खड़ा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के एक मीडिया चैनल Geo News द्वारा इस खबर को प्रसारित करने पर पाकिस्तान सरकार ने नोटिस जारी किया है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) का कहना है कि चैनल द्वारा प्रसारित सामग्री नियमों के अनुरूप नहीं हो सकती।
संगीत जगत में शोक
इस बीच, पूरे भारत में संगीत जगत एक महान युग के अंत पर शोक में डूबा हुआ है। आशा भोसले को उनकी अद्वितीय आवाज और योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।