भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने खोया एक अनमोल सितारा: मुश्ताक खान का निधन
मुश्ताक खान का निधन: एक कलाकार की याद में
मुंबई, 24 सितंबर। अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान के निधन पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इस संगठन ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग ने एक अद्वितीय कलाकार, दयालु इंसान और एक प्यारे परिवार के सदस्य को खो दिया है।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि उन्होंने कैंसर के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और गुरुवार की शाम को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
संगठन ने कहा कि मुश्ताक खान के निधन से बॉलीवुड और समस्त भारतीय फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है।
इस एसोसिएशन ने कहा कि मुश्ताक खान ने अपने लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और यह साबित किया कि एक सहायक अभिनेता भी दर्शकों के दिलों में अपनी छाप छोड़ सकता है।
संगठन ने उनकी यादगार फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि दर्शक उन्हें 'वेलकम', 'गदर: एक प्रेम कथा', 'जोड़ी नंबर 1', 'आशिकी', 'सड़क', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'हम हैं राही प्यार के' जैसी फिल्मों में उनके अद्भुत किरदारों के लिए हमेशा याद रखेंगे।
विशेष रूप से फिल्म 'वेलकम' में उनका प्रसिद्ध डायलॉग, "मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था", लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने इसे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक डायलॉग में से एक बताया, जो आज भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाता है।
इस संगठन ने मुश्ताक खान की कॉमेडी को उनकी विशेषता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अदाकारी और हास्य के माध्यम से लाखों लोगों को हंसाया, जिससे वह अनगिनत परिवारों के लिए एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए।
संगठन ने कहा कि उनके साथ काम करने वाले लोग जानते थे कि उनकी प्रतिभा से कहीं अधिक उनका व्यवहार महत्वपूर्ण था। सह-कलाकारों से लेकर स्पॉट बॉय तक, वह सभी के साथ गर्मजोशी और दयालुता से पेश आते थे।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने कहा कि मुश्ताक खान केवल एक सहायक कलाकार नहीं थे, बल्कि फिल्म बिरादरी के परिवार का एक अभिन्न हिस्सा थे, और उनकी कमी को भर पाना संभव नहीं है।
संगठन ने उनके निधन को एक युग का अंत बताते हुए कहा कि फिल्म उद्योग और लोगों के दिलों में उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी, लेकिन उनका काम, उनकी हंसी और उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने इस कठिन समय में मुश्ताक खान के परिवार के साथ खड़े होने की बात कही और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुश्ताक खान का निधन गुरुवार को 56 वर्ष की आयु में हुआ। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे, और उनकी बीमारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। उन्होंने गुरुवार शाम लगभग 7 बजे अंतिम सांस ली।
मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका परिवार मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से जुड़ा रहा। उनकी पत्नी का नाम सलमा खान है और उनके दो बेटे हैं।
--News Media
एएमटी/डीकेपी