×

बॉलीवुड में बड़ा धोखाधड़ी मामला: 'धमाल' के राइट्स के नाम पर 1.50 करोड़ की ठगी!

बॉलीवुड में एक बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है, जिसमें 'धमाल' फिल्म के राइट्स के नाम पर 1.50 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में मशहूर निर्माता और निर्देशक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें फर्जी अनुबंध के माध्यम से धोखा दिया गया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की सच्चाई।
 

धमाल फिल्म के राइट्स में धोखाधड़ी का मामला




मुंबई, 19 अगस्त। बॉलीवुड के फिल्म उद्योग में एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कॉमेडी फिल्म 'धमाल' के वितरण, डिजिटल और कॉपीराइट्स के नाम पर एक प्रमुख वितरण कंपनी के साथ 1.50 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।


इस मामले में अंबोली पुलिस ने 17 अगस्त 2026 को मशहूर फिल्म निर्माता अशोक नवल कुमार ठाकरिया और निर्देशक इंद्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई अंधेरी पश्चिम स्थित प्रमुख फिल्म वितरण कंपनी ग्रैंड मास्टर के मालिक विकास बलदेवराज साहनी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।


शिकायत में कहा गया है कि निर्माता-निर्देशक की कंपनी मारुति इंटरनेशनल ने उनके साथ धोखाधड़ी की है, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। विकास साहनी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2019 को मारुति इंटरनेशनल के साथ उनकी कंपनी ग्रैंड मास्टर का एक आधिकारिक अनुबंध हुआ था। इस अनुबंध के तहत 'धमाल' फिल्म के सभी विश्व वितरण, राइट्स और कॉपीराइट्स 1.50 करोड़ रुपये में स्थायी रूप से खरीदे गए थे। निर्माताओं ने वादा किया था कि फिल्म के अधिकार किसी अन्य पक्ष को नहीं बेचे गए हैं। लेकिन बाद में पता चला कि आरोपियों ने 2015 में ही इस फिल्म के लाइफटाइम ओटीटी और डिजिटल राइट्स शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड को बेच दिए थे।


आरोप है कि धोखाधड़ी के खुलासे के बाद आरोपियों ने एक फर्जी अनुबंध दिखाया और अक्टूबर 2020 में शेमारू के साथ एक संशोधित समझौता कर ग्रैंड मास्टर के कानूनी अधिकारों को दबाने का प्रयास किया। पीड़ित व्यवसायी ने पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश कर अपने अधिकार का दावा किया है।


सरकारी कॉपीराइट प्रमाण पत्र के अनुसार, भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने सभी दस्तावेजों की जांच के बाद 28 अप्रैल 2023 को प्रमाण पत्र संख्या जारी कर ग्रैंड मास्टर को फिल्म 'धमाल' का आधिकारिक और कानूनी कॉपीराइट मालिक मान लिया है। जनवरी 2020 में निर्माताओं ने फिल्म लैब को पत्र लिखकर फिल्म की ओरिजिनल नेगेटिव का पूरा मालिकाना हक ग्रैंड मास्टर को सौंप दिया था, जो अब भी कानूनी रूप से उनके पास सुरक्षित है।


इस धोखाधड़ी के कारण ग्रैंड मास्टर के अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ चल रहे व्यावसायिक सौदे रद्द हो गए, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। 2 जनवरी 2023 को भेजे गए लीगल नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस का सहारा लिया। वर्तमान में मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।