बिहार में बच्चों के साथ छेड़छाड़ पर नीरज पांडे की तीखी प्रतिक्रिया
बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
बिहार के जमुई में दो स्कूली बच्चों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर बहस को जन्म दिया है। इस मामले में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने बिहार की सुरक्षा व्यवस्था का समर्थन किया, जिस पर प्रसिद्ध लेखक और गीतकार नीरज पांडे ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य में हर व्यक्ति का अनुभव एक समान नहीं होता।
नीरज पांडे का बयान
नीरज पांडे, जो 'मिसेज', 'रामप्रसाद की तेहरवीं' और 'हैप्पी पटेल' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में मैथिली ठाकुर के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने बिहार में अपनी सुरक्षा का अनुभव साझा किया था। नीरज ने लिखा, "यह आपके लिए एक सकारात्मक बात है, लेकिन सभी के लिए बिहार एक जैसा नहीं है। हर व्यक्ति को ऐसा कहने का अवसर नहीं मिलता।"
नीरज की व्यक्तिगत अनुभव
बक्सर के निवासी नीरज ने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं बिहार से हूं और वहां बड़े होते हुए मैंने कभी खुद को सुरक्षित नहीं महसूस किया। एक पुरुष होते हुए भी, कई बार मेरी शारीरिक सीमाओं का उल्लंघन किया गया। आपकी सुविधा हर किसी की स्थिति को नहीं दर्शाती। किसी भी राज्य या समाज की वास्तविकता उन लोगों से पूछनी चाहिए जिन्होंने दर्द सहा हो। मैंने इसे अनुभव किया है।"
जमुई की घटना की गंभीरता
नीरज ने जमुई की घटना पर आगे कहा, "उस लड़की से पूछिए जिसने इस दर्दनाक घटना का सामना किया। यह घटना अकेली नहीं है। किसी भी लड़की से पूछिए, उनकी जन्मभूमि हमेशा परियों की कहानी जैसी नहीं होती। यह एक गहरे सदमे की जगह होती है जिसे हम जीवनभर ढोते हैं। मैं इस पर एक किताब लिखने का विचार कर रहा हूं।"
जमुई की घटना का विवरण
19 सितंबर को, जमुई में दसवीं कक्षा के दो छात्र-छात्रा एक स्थानीय घूमने की जगह से लौट रहे थे। तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोका और अभद्र टिप्पणियां की। इसके बाद, उन्होंने लड़के को पीटा और लड़की के साथ गलत हरकत की, जबकि दोनों बच्चे मदद की गुहार लगाते रहे।
मैथिली ठाकुर का बयान
इस घटना के बाद सरकार पर सवाल उठे, लेकिन अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर ने कानून-व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा, "मैं बिहार की बेटी हूं और मुझे यहां सुरक्षित महसूस होता है। यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई सवाल नहीं उठाती।" हालांकि, इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़कने पर पुलिस ने सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर दीप्ति मोनाली की देखरेख में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।