बादशाह ने शोहरत की असली कीमत बताई: 'फेम एक किराए का मकान है'
बादशाह की सोच पर एक नज़र
मुंबई, 17 जुलाई। म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर रैपर बादशाह ने अपने करियर में कई हिट गाने दिए हैं और देशभर में उनकी एक विशाल फैन फॉलोइंग है। हाल ही में, उन्होंने अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन के चैट शो 'शेखर टुनाइट' में भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी लोकप्रियता, एक कलाकार की जिम्मेदारियों और शोहरत की दुनिया पर अपने विचार साझा किए।
बादशाह ने कहा कि जब कोई कलाकार अपने करियर की शुरुआत करता है, तो वह केवल अपनी रचनात्मकता और जुनून के साथ आगे बढ़ता है। लेकिन जैसे-जैसे उसकी पहचान बढ़ती है, उसके शब्दों और कार्यों का प्रभाव भी बढ़ता है। इसलिए, एक कलाकार के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को समझना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
शो में बातचीत के दौरान, उन्होंने बताया कि गाने लिखना और संगीत बनाना शुरू में उनके लिए एक मजेदार प्रक्रिया थी। उस समय उनका ध्यान केवल अपनी क्रिएटिविटी को लोगों तक पहुंचाने पर था, लेकिन समय के साथ उन्हें यह समझ में आया कि उनके शब्दों का समाज पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
बादशाह ने कहा, ''अगर कोई व्यक्ति हमेशा समस्याओं के बारे में सोचता है, तो उसे हर जगह मुश्किलें ही नजर आएंगी। लेकिन अगर वह अपने काम पर ध्यान केंद्रित करता है, तो चीजें आसान हो जाती हैं। जब आप एक लेखक या कलाकार के रूप में शुरुआत करते हैं, तो आपको यह एहसास नहीं होता कि आपके शब्दों को लोग कैसे समझेंगे।''
उन्होंने आगे कहा, ''कला को देखने और समझने का नजरिया हर किसी का अलग होता है। एक गाने या लाइन को कुछ लोग पसंद कर सकते हैं, जबकि कुछ को वही आपत्तिजनक लग सकता है। इसलिए, जैसे-जैसे किसी कलाकार का दायरा बढ़ता है, उसे अपने काम और शब्दों के प्रति अधिक सजग रहना पड़ता है।''
बादशाह ने यह भी कहा कि एक कलाकार की लोकप्रियता के साथ उसकी सामाजिक जिम्मेदारी भी बढ़ती है। पहले जहां उसका काम सीमित लोगों तक पहुंचता है, वहीं सफलता मिलने के बाद उसकी कला को लाखों लोग सुनते और देखते हैं। इसलिए, कलाकार को यह समझना जरूरी है कि उसकी कही गई बातें क्या प्रभाव डाल सकती हैं।
उन्होंने कहा, ''यह जिम्मेदारी अपने आप में एक चुनौती है, लेकिन इसी चुनौती में एक कलाकार के लिए असली मजा भी छिपा होता है। उसे अपनी रचनात्मकता और प्रभाव को बनाए रखना पड़ता है।''
बातचीत के दौरान, बादशाह ने शोहरत के बारे में भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शोहरत हमेशा स्थायी नहीं होती और किसी कलाकार को इसे अपनी पहचान नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने इसे किराए के मकान से तुलना करते हुए कहा कि यह कुछ समय के लिए मिलती है और एक दिन इसे छोड़ना पड़ता है।
बादशाह ने कहा, ''फेम एक किराए का मकान है। इसे एक दिन खाली करना होगा। इसका आनंद लो, लेकिन इस पर खुद को ज्यादा खर्च मत करो। यह किराए का मकान है, आपको इसे छोड़ना पड़ेगा।''