बंगाली सिनेमा के दिग्गज राजा सेन का निधन: जानें उनकी अनमोल विरासत
राजा सेन का निधन
कोलकाता, 16 अगस्त। बंगाली सिनेमा के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक राजा सेन का निधन रविवार को कोलकाता के एक अस्पताल में हुआ। उनकी उम्र 70 वर्ष थी। उन्हें तीन दिन पहले एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह लगभग 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजा सेन की पत्नी, पापिया सेन ने बताया कि वह लंबे समय से दिल की बीमारी से ग्रस्त थे और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उन्होंने कहा, "उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। धीरे-धीरे उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।"
सूत्रों के अनुसार, राजा सेन को पहले पीठ में चोट लगने के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती गई, जिसके चलते उन्हें फेफड़ों की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके बाद उनके दिल और किडनी में भी दिक्कतें आईं, और अंततः उनका निधन हो गया।
राजा सेन का जन्म 10 नवंबर 1955 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बंगाली टेलीविजन से की और जल्द ही अपनी पहचान बनाई। टेलीविजन में काम करने के बाद उन्होंने फीचर फिल्मों की ओर रुख किया और निर्देशन में अपनी विशेष पहचान बनाई।
राजा सेन ने 1996 में 'दामू' से फीचर फिल्म निर्देशन की शुरुआत की। इस फिल्म में रघुवीर यादव, सत्य बनर्जी और सब्यसाची चक्रवर्ती जैसे कलाकार थे, और इसे काफी सराहा गया। 'दामू' ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया।
इसके बाद उन्होंने 'आत्मियो स्वजन' का निर्देशन किया, जिसे परिवार कल्याण पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। राजा सेन को सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों को संवेदनशीलता से पेश करने के लिए जाना जाता था।
राजा सेन ने 'चक्रव्यूह', 'देश' और 'देबीपक्ष' जैसी कई फीचर फिल्मों का निर्देशन किया। इसके अलावा, उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया, जिनमें बंगाल की कला और संस्कृति से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों को दर्शाया गया।
उनकी डॉक्यूमेंट्री, जो प्रसिद्ध रवींद्र संगीत गायिका सुचित्रा मित्र पर आधारित थी, को भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ कला का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
राजा सेन ने फिल्मकार तपन सिन्हा, शंभु मित्र और कवि सुभाष मुखोपाध्याय जैसी प्रमुख हस्तियों पर भी डॉक्यूमेंट्री बनाई। उनकी फिल्मों में बंगाल की संस्कृति, समाज और मानवीय रिश्तों की झलक देखने को मिलती थी। उनकी अंतिम फीचर फिल्म 'भालोबाशार गोल्पो' थी, जो 2019 में रिलीज हुई।
राजा सेन अपने पीछे पत्नी पापिया सेन और दो बेटियों, सुभाश्री सेन और श्रेयशी सेन को छोड़ गए हैं। उनके निधन से बंगाली फिल्म और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर है।