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फराज खान: एक अद्भुत अभिनेता की कहानी जो सलमान खान के लिए प्रेरणा बने

फराज खान, 90 के दशक के एक प्रतिभाशाली अभिनेता, ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। 'मैंने प्यार किया' के लिए पहले चुने जाने के बावजूद, उनकी तबीयत ने उन्हें इस फिल्म से दूर कर दिया। सलमान खान ने बाद में उनकी मदद की, जब फराज गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। जानें उनके जीवन की प्रेरणादायक कहानी, उनके संघर्ष और अंतिम दिनों के बारे में।
 

फराज खान का फिल्मी सफर


मुंबई, 26 मई। 90 के दशक में बॉलीवुड के प्रतिभाशाली अभिनेता फराज खान ने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता। बहुत से लोग नहीं जानते कि उन्हें सुपरहिट फिल्म 'मैंने प्यार किया' के लिए पहले चुना गया था, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण वह इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन सके। यह भूमिका बाद में सलमान खान को मिली, जो बाद में फराज की मदद के लिए भी आगे आए।


फराज खान का जन्म 27 मई 1970 को मुंबई में हुआ। वह प्रसिद्ध अभिनेता यूसुफ खान के बड़े बेटे थे, जो फिल्म इंडस्ट्री में जिबिस्को के नाम से जाने जाते थे। बचपन से ही फराज का सपना फिल्मों में काम करने का था। उनका करियर तब बदल गया जब निर्देशक सूरज बड़जात्या ने 'मैंने प्यार किया' के लिए नए चेहरे की तलाश की।


इस फिल्म के लिए ऑडिशन में कई युवा शामिल हुए, जिनमें सलमान खान और दीपक तिजोरी भी थे। कहा जाता है कि सूरज बड़जात्या को फराज खान सबसे अधिक पसंद आए थे और उन्हें लगभग चुन लिया गया था। लेकिन शूटिंग शुरू होने से पहले ही फराज को पीलिया हो गया, जिससे वह फिल्म नहीं कर सके। इस फिल्म ने सलमान खान के करियर को ऊंचाई दी।


फराज ने 1996 में फिल्म 'फरेब' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उनके साथ सुमन रंगनाथन और मिलिंद गुनाजी थे। इस फिल्म का गाना 'तेरी आंखें झुकी-झुकी' काफी हिट हुआ। इसके बाद उन्होंने 'पृथ्वी' में सुनील शेट्टी के साथ काम किया।


1998 में आई फिल्म 'मेहंदी' ने फराज को एक पहचान दिलाई, जिसमें उन्होंने रानी मुखर्जी के साथ काम किया। इस फिल्म में उन्होंने एक लालची पति का किरदार निभाया, जो दहेज जैसी सामाजिक समस्या पर आधारित थी। हालांकि, इस फिल्म के बाद फराज का करियर ज्यादा नहीं बढ़ा।


फराज ने 'दुल्हन बनूं मैं तेरी', 'दिल ने फिर याद किया' और 'चांद बुझ गया' जैसी फिल्मों में भी काम किया, लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में कदम रखा और 'लिपस्टिक', 'अचानक 37 साल बाद' और 'श्श्श्श...कोई है' जैसे शोज में नजर आए।


2020 में फराज की तबीयत बिगड़ने लगी। वह न्यूरोलॉजिकल बीमारी और सीने के संक्रमण से जूझ रहे थे और बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती हुए, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। उनके इलाज के लिए परिवार को आर्थिक मदद की आवश्यकता पड़ी। पूजा भट्ट ने सोशल मीडिया पर मदद की अपील की, जिसके बाद सलमान खान ने उनके मेडिकल बिल का खर्च उठाया।


हालांकि, डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद फराज खान को बचाया नहीं जा सका। उनका निधन 4 नवंबर 2020 को हुआ।