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प्रीति गांगुली: कॉमिक टाइमिंग की महारानी और उनके जीवन का अनकहा सफर

प्रीति गांगुली, बॉलीवुड की एक प्रसिद्ध कॉमिक अदाकारा, ने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे। उनका जन्म एक फिल्मी परिवार में हुआ था, और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल्स से की। 'खट्टा मीठा' जैसी फिल्मों में उनकी अदाकारी ने उन्हें पहचान दिलाई। प्रीति ने अपने स्वास्थ्य के लिए वजन कम किया और अभिनय सिखाने के लिए एकेडमी खोली। उनका निधन 2012 में हुआ, लेकिन उनका अभिनय आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
 

प्रीति गांगुली का अद्वितीय सफर


मुंबई, 1 दिसंबर। बॉलीवुड में कुछ ही कलाकार ऐसे होते हैं, जिनका नाम सुनते ही उनके काम की याद आ जाती है। प्रीति गांगुली भी ऐसी ही अदाकारा थीं, जिनकी मुस्कान और कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया। लेकिन उनका जीवन केवल फिल्मों और हंसी तक सीमित नहीं था।


प्रीति ने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे और एक ऐसा कदम उठाया जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।


प्रीति गांगुली का जन्म 17 मई 1953 को मुंबई में हुआ। उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा था। उनके पिता अशोक कुमार एक प्रसिद्ध अभिनेता थे, जबकि उनके चाचा किशोर कुमार और अनूप कुमार भी फिल्मी दुनिया में सक्रिय थे। इस फिल्मी परिवेश में पली-बढ़ी प्रीति ने बचपन से ही अभिनय में रुचि दिखाई, लेकिन उन्होंने नायिका बनने के बजाय कॉमिक भूमिकाओं को प्राथमिकता दी।


1970 के दशक में प्रीति ने फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन 1978 में आई फिल्म 'खट्टा मीठा' में फ्रेनी सेठना के किरदार से उन्हें सबसे ज्यादा पहचान मिली। इस फिल्म में उनका रोल अमिताभ बच्चन की बड़ी फैन का था, और उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को आकर्षित किया।


प्रीति की फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग और मासूमियत उन्हें खास बनाती थी। 70 और 80 के दशक में उन्होंने 'रानी और लालपरी', 'बालिका वधु', 'खेल खेल में', 'अनुरोध', 'आशिक हूं बहारों का', 'साहेब बहादुर', 'दिल्लगी', 'दामाद', 'झूठा कहीं का', 'क्रांति', और 'उत्तर दक्षिण' जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया। उनके किरदार हमेशा मनोरंजक होते थे, जिससे दर्शक उन्हें लंबे समय तक याद रखते थे।


जब प्रीति ने अपने जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया, तो सभी हैरान रह गए। उन्होंने लगभग 50 किलो वजन कम किया, जो उनके स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन के लिए एक बड़ा कदम था। वजन घटाने के बाद फिल्मी ऑफर्स में कमी आने लगी, जिसके बाद उन्होंने 1993 में अपने पिता के नाम पर अशोक कुमार एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स की स्थापना की, जहां वह छात्रों को अभिनय की शिक्षा देती थीं।


फिल्मों से ब्रेक के बाद प्रीति ने 2005 में इमरान हाशमी के साथ फिल्म 'आशिक बनाया आपने' में अभिनय किया, जो उनके करियर की अंतिम प्रमुख फिल्म साबित हुई। 2 दिसंबर 2012 को मुंबई में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। उनके अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड में अमर बना दिया।