पूनम पांडे की रामलीला में एंट्री पर विवाद: संत समाज का विरोध
पूनम पांडे की रामलीला में एंट्री से मचा बवाल
पूनम पांडे की लव कुश रामलीला में भूमिका: एक्ट्रेस और मॉडल पूनम पांडे एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। दिल्ली में हर साल आयोजित होने वाली लव-कुश रामलीला में उनकी भागीदारी की खबर ने संत समाज में नाराजगी पैदा कर दी है। कई लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें रामलीला से बाहर किया जाए। इस बीच, कंप्यूटर बाबा ने भी इस मुद्दे पर अपनी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पात्रों का चयन करते समय विवेक और मर्यादा का ध्यान रखना आवश्यक है।
मंदोदरी के किरदार पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष की लव-कुश रामलीला में पूनम पांडे रावण की पत्नी मंदोदरी का किरदार निभाने वाली हैं। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, संत समाज ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कंप्यूटर बाबा ने मंदोदरी के किरदार के लिए पूनम पांडे के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा, 'रामचरितमानस में भगवान राम की लीलाएं उनके चरित्र और आदर्श पर आधारित हैं। इसलिए मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।'
शूर्पणखा का किरदार देने की सलाह
कंप्यूटर बाबा ने आगे कहा, 'रामलीला समिति के अध्यक्ष को यह समझना चाहिए कि किसे कौन सा किरदार दिया जाना चाहिए। हम यह नहीं कहते कि पूनम पांडे को कोई किरदार न दिया जाए, लेकिन उन्हें उपयुक्त किरदार मिलना चाहिए। मंदोदरी की बजाय उन्हें शूर्पणखा का किरदार दिया जाना चाहिए।'
लीला के बंद होने का खतरा
उन्होंने चेतावनी दी, 'पूनम पांडे को मंदोदरी का किरदार क्यों दिया जा रहा है? रामलीला एक स्थायी परंपरा है। पात्रों का चयन सावधानी से किया जाना चाहिए ताकि दर्शकों की आस्था को ठेस न पहुंचे। यदि इस तरह की लीलाएं जारी रहीं, तो लीला बंद होने की नौबत आ जाएगी।'