पूजा बत्रा: अंतरिक्ष यात्री से लेकर हॉलीवुड प्रोडक्शन तक का सफर
पूजा बत्रा का प्रेरणादायक सफर
मुंबई, 26 अक्टूबर। बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियों ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की, लेकिन कुछ समय बाद वे फिल्म इंडस्ट्री से दूर हो गईं। पूजा बत्रा की कहानी भी इसी तरह की है। मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी पहचान बनाई, लेकिन निजी जीवन के कारण कुछ समय के लिए हिंदी सिनेमा से अलविदा ले लिया। इसके बाद उन्होंने विदेश में अपने करियर को एक नई दिशा दी।
पूजा ने हॉलीवुड में भी काम किया और एक फिल्म में अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया। इस भूमिका के लिए उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन पर शोध किया। अब पूजा अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण में भी सक्रिय हैं।
पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ। उनके पिता, रवि बत्रा, भारतीय सेना में कर्नल थे, और मां, नीलम बत्रा, ने 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया था। पिता की नौकरी के कारण पूजा को बचपन में कई स्थानों पर रहना पड़ा और उन्होंने 12 साल में 10 स्कूल बदले। खेलों में उनकी रुचि थी और वे दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लेती थीं।
पूजा ने कम उम्र में मॉडलिंग शुरू की और एक साबुन के विज्ञापन से पहचान बनाई। 1993 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीता, जिसके बाद मनोरंजन की दुनिया में उनके लिए नए दरवाजे खुले। हालांकि, उन्होंने अपनी पढ़ाई भी पूरी की और 1997 में फिल्म 'विरासत' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने अनिल कपूर और तब्बू के साथ काम किया। इसके बाद उन्होंने 'भाई', 'हसीना मान जाएगी', 'दिल ने फिर याद किया', 'कहीं प्यार न हो जाए' और 'नायक: द रियल हीरो' जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया।
पूजा ने एक समय फिल्मों से दूरी बना ली जब उन्होंने अमेरिका में ऑर्थोपेडिक सर्जन सोनू एस. अहलूवालिया से शादी की और लॉस एंजेलेस में बस गईं। हालांकि, बाद में उनका तलाक हो गया। इस बदलाव के बाद पूजा ने अपने जीवन और करियर को फिर से संवारने का निर्णय लिया और भारतीय फिल्मों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी अवसर तलाशे।
पूजा के करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ 2016 में आई साइंस-फिक्शन फिल्म 'वन अंडर द सन' था, जिसमें उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया। यह कहानी एक ऐसे अंतरिक्ष मिशन की अकेली बची यात्री के बारे में है, जो धरती पर लौटकर अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है। इस फिल्म के लिए तैयारी करते समय पूजा ने कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में अध्ययन किया। फिल्म की शूटिंग केवल 11 दिनों में पूरी हुई और इसे कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया।
पूजा ने केवल अभिनय तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लॉस एंजेलेस में अपनी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के माध्यम से फिल्म निर्माण में भी कदम रखा। 2026 में उनकी कंपनी द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म 'इकोज ऑफ अस' कान फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई, जिसमें दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज ने अभिनय किया।