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पीयूष मिश्रा का समर्थन: झारखंड में छात्रों के आंदोलन को मिली नई ऊर्जा

झारखंड के रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन को अभिनेता पीयूष मिश्रा का समर्थन मिला है। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ समय बिताया और अपने गाने 'इक बगल' का प्रदर्शन किया। मिश्रा ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। आंदोलन के नेता ने बताया कि इस समर्थन से छात्रों को नई ऊर्जा मिली है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी दे रहे हैं।
 

झारखंड में छात्रों का आंदोलन

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है। प्रसिद्ध अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा ने रविवार को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ समय बिताया और उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने 'इक बगल' का प्रदर्शन किया, जिससे छात्रों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।


राजनीतिक एजेंडे से परे समर्थन

शनिवार को भी पीयूष मिश्रा ने स्टेडियम का दौरा किया, जहां छात्र पिछले दो हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन का समर्थन करते हैं, क्योंकि छात्र बिना किसी राजनीतिक लाभ के अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी इस आंदोलन में हर संभव मदद करेगी और राज्य सरकार से उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।


गायन से छात्रों में जोश

#WATCH | Actor and Singer Piyush Mishra sings his famous song 'Ik Bagal' at the JPSC-JSCC aspirants' protest at the Jaipal Singh Munda Stadium in Ranchi, Jharkhand. pic.twitter.com/07KocPIrz2

— News Media


शनिवार को, पीयूष मिश्रा ने छात्रों के बीच अपने प्रसिद्ध गीत 'आरंभ है प्रचंड' का भी गायन किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और रांची के प्रदर्शन को अलग नहीं किया जा सकता। झारखंड भी देश का हिस्सा है और सभी को छात्रों की समस्याओं पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। आंदोलन के नेताओं ने बताया कि पीयूष मिश्रा के समर्थन से छात्रों को नई ऊर्जा मिली है।


विधानसभा मार्च की चेतावनी

राज्य सरकार और पांच छात्र संगठनों के बीच कई बार बातचीत होने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है। आंदोलन अब 15 दिन से अधिक समय से चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो वे 10 अगस्त को एकजुट होकर 'विधानसभा घेराव' करेंगे।