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पद्मिनी कोल्हापुरे की शानदार जीत: सिंटा चुनाव में मिली 604 वोटों की बढ़त!

पद्मिनी कोल्हापुरे ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के चुनाव में 604 वोटों के साथ जीत दर्ज की है, जबकि पूनम ढिल्लों ने 601 वोट प्राप्त किए। दोनों अभिनेत्रियों ने चुनाव के बाद मीडिया से बातचीत में संगठन के विवादों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। पद्मिनी ने सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह जीत सभी सदस्यों की है। पूनम ने भी अपनी कमेटी के गठन की खुशी जाहिर की। जानें इस चुनाव के बारे में और क्या कहा दोनों ने।
 

सिंटा चुनाव में पद्मिनी कोल्हापुरे की जीत

मुंबई, 21 अक्टूबर। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) के कार्यकारी समिति चुनाव में प्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने 604 वोटों के साथ शानदार जीत हासिल की है। उनके बाद पूनम ढिल्लों ने 601 वोट लेकर दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति बनाई।


इन दोनों अभिनेत्रियों ने चुनाव के बाद मीडिया से बातचीत की, जिसमें उन्होंने सिंटा में चल रहे विवादों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। पद्मिनी ने उन सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस जीत के लिए वोट दिया। उन्होंने कहा, "यह मेरी जीत का प्रमाण है और मैं सभी वोटर्स का धन्यवाद करना चाहती हूं। लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि यहां कोई भी नंबर 1 या अंतिम नहीं है।"


पद्मिनी ने आगे कहा, "जिन कठिनाइयों का सामना करते हुए सभी सदस्यों ने हमारा साथ दिया, यह उनकी जीत भी है। मुझे नहीं लगता कि किसी को दुख होगा, हम सभी एक साथ हैं।" दूसरी ओर, पूनम ढिल्लों ने अपनी जीत का जश्न मनाते हुए कहा कि चाहे कोई कुछ भी कहे, उनकी कमेटी का गठन हो चुका है। उन्होंने बताया, "हमारी कमेटी में 15 मेहनती सदस्य हैं, हालांकि कुछ सदस्य ऐसे हैं जो बहुत अच्छा काम कर रहे थे लेकिन केवल 15 लोगों की कमेटी बनानी थी।"


इस चुनाव के दौरान, उपासना सिंह और कुनिका सदानंद ने पद्मिनी और पूनम पर संगठन के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को गैरकानूनी तरीके से हटाने और चोरी के आरोप लगाए थे।


इस पर पूनम ने कहा, "उन्हें समझना चाहिए कि हमने एफडी क्यों तोड़ी। हमारे सभी बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए थे, और यह बेहद जरूरी था। हमारी संगठन और कल्याण के लिए अकाउंट का होना आवश्यक था। उन्हें लगा कि अगर वे हमारे फंड्स को बंद कर देंगे, तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे।"


पूनम ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निजी काम के लिए उन्होंने या पद्मिनी ने इसे नहीं तोड़ा। उन्होंने कहा, "जो भी खर्च किए गए हैं, वह लिखित में है। हम हर महीने पैसे देते थे और अभी भी दे रहे हैं।"


सिंटा में तीन वर्षों के कार्यकाल के बारे में पूनम ने कहा, "हम अपनी मर्जी से कुछ नहीं करते। एजीएम होती है, फिर रेजोल्यूशन पास होते हैं। बदलाव तभी लागू होता है जब यह कॉन्स्टिट्यूशन रजिस्ट्रार के पास जाता है। यह निर्णय एजीएम ने 2025 में लिया था। उस समय उपासना ही सेक्रेटरी थीं।"