नोरा फतेही ने राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश होकर क्या कहा? जानें पूरी कहानी!
नोरा फतेही का बयान और आयोग के समक्ष पेशी
बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा नोरा फतेही ने अपने गाने 'सरके चुनर' में कथित अश्लीलता के आरोपों के चलते गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष अपनी बात रखी। इस मामले ने सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में काफी चर्चा का विषय बना दिया है। आयोग ने गाने के कंटेंट को लेकर आई शिकायतों के बाद नोरा को स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। सुनवाई के दौरान, नोरा ने अपना पक्ष रखते हुए एक लिखित माफीनामा भी प्रस्तुत किया और कहा कि उनका किसी की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था।
नोरा ने आयोग के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि वे भविष्य में किसी भी ऐसे आइटम सॉन्ग का हिस्सा नहीं बनेंगी, जो महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाए या समाज में गलत संदेश फैलाए। उन्होंने कहा कि वे अपने कार्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिश करेंगी और इस बात का ध्यान रखेंगी कि उनकी प्रस्तुतियों से किसी की भावनाएं आहत न हों। इस दौरान, उन्होंने यह भी बताया कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझती हैं। इसके साथ ही, नोरा ने एक मानवीय पहल के तहत अनाथ बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने का भी वादा किया।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद आगे की प्रक्रिया पर विचार करने की बात कही है। आयोग का कहना है कि मनोरंजन और रचनात्मकता की स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद, फिल्म और संगीत उद्योग में यह बहस तेज हो गई है कि गानों की प्रस्तुति और कंटेंट के लिए कितनी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि सार्वजनिक प्रभाव को देखते हुए संवेदनशीलता आवश्यक है। फिलहाल, आयोग सभी शिकायतों और जवाबों की समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।