×

नोरा फतेही ने 'अच्छी लड़की' के मिथक को तोड़ा, दिल की सच्चाई पर दिया जोर

नोरा फतेही ने हाल ही में 'अच्छी लड़की' की पारंपरिक सोच पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि किसी लड़की की अच्छाई उसके कपड़ों या बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि उसके दिल और ईमानदारी से मापी जानी चाहिए। इस चर्चा में उन्होंने समाज की दोहरी मानसिकता पर भी सवाल उठाए। जानें, उन्होंने और क्या कहा और क्यों यह विषय आज के समाज में महत्वपूर्ण है।
 

नोरा फतेही का समाज में 'अच्छी लड़की' की परिभाषा पर विचार


मुंबई, 6 मई। मशहूर अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही अपने अद्भुत डांस मूव्स के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने 'अच्छी लड़की' की पारंपरिक सोच पर अपने विचार साझा किए। नोरा ने स्पष्ट किया कि किसी लड़की की अच्छाई उसके कपड़ों या उसके व्यवहार से नहीं, बल्कि उसके दिल और ईमानदारी से मापी जानी चाहिए।


अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पॉडकास्ट का एक क्लिप साझा किया, जिसमें वह समाज द्वारा बनाए गए 'अच्छी लड़की' के पुराने मानदंडों पर चर्चा कर रही हैं।


उन्होंने समाज की दोहरी मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा, "हमने 'अच्छी लड़की' के विचार को पूरी तरह से गलत समझा है। लोग अक्सर बाहरी दिखावे को अच्छा मान लेते हैं, जबकि उनकी असलियत कुछ और होती है। यह सब एक दिखावा है।"


नोरा ने विस्तार से बताया कि अगर कोई लड़की क्रॉप टॉप या अपनी पसंद के कपड़े पहनती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह बुरी है।


उन्होंने कहा, "सच्ची अच्छाई इस बात में है कि आप किसी को दुख न पहुंचाएं, धोखा न दें और हमेशा सच बोलें।"


अभिनेत्री ने यह भी कहा कि हम गलत चीजों को अधिक महत्व देते हैं। उनका मानना है कि एक लड़की की असली पहचान उसकी नीयत और व्यवहार से होनी चाहिए, न कि उसके कपड़ों से। कोई भी अपनी अलग पहचान बना सकता है, लेकिन अंततः यह मायने रखता है कि उसका दिल कितना साफ है।


नोरा फतेही एक प्रसिद्ध कनाडाई डांसर, मॉडल और अभिनेत्री हैं। 'सत्यमेव जयते' (2018) के 'दिलबर' गाने ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया, जो उस समय यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले गानों में से एक था। इसके बाद, उन्होंने 'साकी साकी' और 'कमरिया' जैसे गानों से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई।