नेहा धूपिया ने साझा किया 'जूली' के सेट का दिलचस्प किस्सा, संजय कपूर का था खास योगदान!
नेहा धूपिया की यादें: 'जूली' के सेट पर संजय कपूर का सहयोग
मुंबई, 9 अक्टूबर। अभिनेत्री नेहा धूपिया ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए फिल्म 'जूली' की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय उनकी मां अक्सर शूटिंग सेट पर मौजूद रहती थीं, लेकिन कमरे से बाहर नहीं आती थीं। इस दौरान अभिनेता संजय कपूर उनकी मां का विशेष ध्यान रखते थे और उन्हें सहज महसूस कराने का प्रयास करते थे।
हाल ही में, संजय कपूर और उनकी पत्नी महीप कपूर ने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में भाग लिया। इस मौके पर नेहा ने 'जूली' की शूटिंग के अनुभवों को साझा किया और बताया कि संजय कपूर न केवल निर्देशक और निर्माता के साथ काम संभालते थे, बल्कि उनकी मां का भी ध्यान रखते थे।
नेहा ने कहा, "मेरी मां सेट पर आती थीं, लेकिन वह कभी कमरे से बाहर नहीं निकलती थीं। उन्हें किसी के बुलाने की जरूरत नहीं थी। वह चाहती थीं कि मैं अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकूं।"
उन्होंने आगे कहा कि संजय कपूर उनकी मां को सहज महसूस कराने में बहुत मदद करते थे। नेहा ने कहा, "संजय बहुत अच्छे थे। वह निर्देशक और निर्माता के साथ काम करने के साथ-साथ मेरी मां के पास भी जाते थे और उन्हें सहज बनाते थे। वह सबके बीच तालमेल बिठाने में माहिर थे।"
नेहा और संजय इससे पहले फिल्म 'कयामत: सिटी अंडर थ्रेट' में भी एक साथ काम कर चुके हैं।
फिल्म 'जूली' की बात करें, तो यह 2004 में रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन दीपक शिवदासानी ने किया था और एन. आर. पचिसिया इसके निर्माता थे। इस फिल्म में नेहा धूपिया के साथ प्रियांशु चटर्जी, यश टोंक, संजय कपूर और अचिंत कौर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे।
फिल्म की कहानी मिहिर नामक एक प्रभावशाली कारोबारी और जूली के इर्द-गिर्द घूमती है। मिहिर को जूली से प्यार हो जाता है, जो वेश्यावृत्ति के पेशे से जुड़ी होती है। जब मिहिर उससे शादी का प्रस्ताव रखता है, तो जूली अपने अतीत और पेशे को लेकर असमंजस में पड़ जाती है।