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नेहा धूपिया ने बॉलीवुड में काम की अनिश्चितता पर खोला दिल

नेहा धूपिया ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बॉलीवुड में काम की अनिश्चितता और अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे वह काम न मिलने पर तकिए में मुंह छिपाकर रोती हैं और इंडस्ट्री में मोटी चमड़ी रखने की सलाह पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने अक्षय खन्ना के करियर की तुलना करते हुए अपने अनुभव साझा किए। जानें उनके विचार और संघर्ष की कहानी।
 

नेहा धूपिया का करियर और संघर्ष

नेहा धूपिया की खबरें: फिल्म उद्योग में कदम रखना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन लगातार काम पाना उससे भी कठिन है। बॉलीवुड में कई अभिनेता और अभिनेत्रियाँ हैं, जिन्होंने फिल्मों में शुरुआत की, लेकिन काम की कमी ने उन्हें चिंतित रखा। इसी विषय पर बॉलीवुड की अभिनेत्री नेहा धूपिया ने अपने अनुभव साझा किए हैं। वर्तमान में, वह 'सिंगल पापा' और 'परफेक्ट फैमिली' जैसे शो में व्यस्त हैं, जिससे वह चर्चा का विषय बनी हुई हैं।


“तकिए में मुंह छिपाकर रोती हूं”

नेहा ने एक इंटरव्यू में अपने दर्द को व्यक्त करते हुए कहा, “जब मैं काम नहीं कर रही होती, तो मुझे चिंता होती है। 20 साल बाद भी, जब लाइट्स बंद होती हैं, तो मैं तकिए में मुंह छिपाकर रोती हूं। मैंने हाल ही में ऐसा किया था। क्या मेरे पास इसके कारण हैं? हां। क्या कोई सुन रहा है? मुझे नहीं पता। मैं इस बारे में कोई दुख भरी कहानी नहीं बनाना चाहती, क्योंकि मुझे फिल्मों का काम बहुत पसंद है। मुझे लगता है कि यह मुझे कभी निराश नहीं करेगा।”


मोटी चमड़ी बनने की सलाह

इंटरव्यू में नेहा ने यह भी बताया कि इंडस्ट्री में एक्टर्स को मोटी चमड़ी रखने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट खोने और आलोचना का सामना करना बहुत कठिन होता है। उन्होंने आगे कहा, “जब आपके चारों ओर सभी काम कर रहे होते हैं और आप किनारे पर इंतजार कर रहे होते हैं, तो आप जीवन को गुजरते हुए देखते हैं। मुझमें और एक नए एक्टर में यही फर्क है कि मुझे पता है कि इन चीजों से कैसे बाहर निकलना है। मैं कई बार परेशान हुई हूं।”


अक्षय खन्ना के करियर पर टिप्पणी

नेहा ने अक्षय खन्ना के करियर के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “काम से और काम मिलना जरूरी है। अगर मेरे हालिया दो शोज से कुछ नहीं मिलता तो कोई फायदा नहीं। क्या काम से अच्छा काम मिलता है? कभी-कभी तो समझ ही नहीं आता। फिर अक्षय खन्ना का करियर देखती हूं तो सोचती हूं कि हमें भी 6 साल घर बैठ जाना चाहिए। उम्मीद है कि काम से और काम मिलता रहेगा।”