नीलम कोठारी ने 80-90 के दशक की शूटिंग के अनुभव साझा किए, 'आप के आ जाने से' के बारे में दिलचस्प बातें बताईं
नीलम कोठारी की यादें: 80-90 के दशक का जादू
मुंबई, 26 जून। बॉलीवुड की 80 और 90 के दशक की मशहूर अदाकारा नीलम कोठारी ने हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग में पुराने दिनों को याद करते हुए उस समय की फिल्म इंडस्ट्री को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि भले ही उस समय शूटिंग के दौरान आज जैसी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन उस दौर की सादगी और खूबसूरती आज भी उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है।
नीलम ने साझा किया कि 80 और 90 के दशक में फिल्म सेट पर एयर कंडीशनर और वैनिटी वैन जैसी सुविधाएं नहीं होती थीं। फिर भी, उस समय काम करने का अपना अलग ही आनंद था।
उन्होंने कहा, "जब मैं शूटिंग के लिए सेट पर पहुंचती थी, तब एसी तो दूर की बात थी, वैनिटी वैन भी नहीं होती थी। सेट पर पहुंचते ही पसीना आने लगता था। मेकअप रूम में एक घंटे मेकअप और एक घंटे हेयरस्टाइल बनाने में लगते थे, लेकिन सेट पर पहुंचते-पहुंचते सब बिगड़ जाता था।"
नीलम ने कहा, "अगर मुझसे पूछा जाए कि आज के सेट और 80-90 के दशक के सेट में से मैं किसे चुनूंगी, तो मैं बिना सोचे-समझे उसी पुराने दौर को चुनूंगी। उस समय की सादगी, अपनापन और खूबसूरती कुछ अलग ही थी, जिसे मैं आज भी बहुत मिस करती हूं।"
उन्होंने अपने को-स्टार गोविंदा के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया। नीलम ने बताया कि खासकर गानों की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच एक दोस्ताना मुकाबला चलता था।
नीलम ने कहा, "जब भी मैं गोविंदा के साथ गानों में काम करती थी, तो ऐसा लगता था कि हमारे बीच एक प्रतियोगिता चल रही है कि कौन डांस स्टेप्स बेहतर करेगा। हमारे डांस स्टेप्स की ताल और स्टाइल लोगों को बहुत पसंद आए।"
उन्होंने अपने सबसे प्रसिद्ध गाने 'आप के आ जाने से' का भी जिक्र किया। नीलम ने कहा, "आप सभी जानते हैं कि यह मेरा सबसे बड़ा हिट गाना है। यह इतना आइकॉनिक बन गया और आज भी लोगों के बीच उतना ही लोकप्रिय है। इसके लिए मैं दर्शकों का दिल से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने इसे इतना बड़ा हिट बनाया।"
गौरतलब है कि 'आप के आ जाने से' साल 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'खुदगर्ज' का गाना था। इस फिल्म का निर्देशन राकेश रोशन ने किया था। गोविंदा और नीलम पर फिल्माया गया यह जोशीला डांस नंबर उस दौर के सबसे यादगार गानों में शामिल हो गया और आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है।
नीलम कोठारी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1984 में फिल्म 'जवानी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 80 और 90 के दशक में 'लव 86', 'इल्जाम', 'खुदगर्ज', 'हत्या', 'ताकतवर', 'सिंदूर', 'पाप की दुनिया' और 'घराना' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया।