नाना पाटेकर के निधन पर पवनदीप राजन की भावुक श्रद्धांजलि: 'उनकी यादें अमर रहेंगी'
फिल्म जगत में शोक की लहर
पटना, 11 अक्टूबर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन ने फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक पैदा कर दिया है। कई कलाकार उनके योगदान और कार्यों को याद कर रहे हैं। गायक पवनदीप राजन ने भी नाना को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भले ही नाना अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में और उनसे मिली सीख आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
पवनदीप राजन का भावुक बयान
पवनदीप राजन ने एक बातचीत में कहा, ''हमारे बीच के महान कलाकार नाना पाटेकर अब हमसे दूर चले गए हैं। यह तो विधि का विधान है, ऐसा सबके साथ होना ही है। उनके जाने के बाद ऐसा लगता है कि वह हमेशा के लिए नहीं गए हैं। उनकी फिल्मों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वह आज भी हमारे साथ हैं।''
नाना पाटेकर की अमर यादें
उन्होंने आगे कहा, ''नाना पाटेकर हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने केवल अपना शरीर त्यागा है, लेकिन उनका कार्य और उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।''
सादगी और खेती का प्रेम
पवनदीप ने नाना पाटेकर के उस पहलू का भी जिक्र किया जो उन्हें आम लोगों से जोड़ता था। उन्होंने कहा, "नाना एक साधारण इंसान की तरह रहते थे और उन्हें खेती करना बहुत पसंद था। खेती से उनका लगाव उनकी सादगी को दर्शाता है। युवाओं ने नाना से बहुत कुछ सीखा है और आने वाली पीढ़ियां भी उनके जीवन और कार्यों से प्रेरित होंगी।"
नाना पाटेकर का फिल्मी सफर
यह जानना दिलचस्प है कि नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1978 में फिल्म 'गमन' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अंकुश', 'परिंदा', 'प्रहार', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'अपहरण', 'टैक्सी नंबर 9211', और 'वेलकम' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया और 1991 में पद्मश्री से नवाजा गया। मीरा नायर की फिल्म 'सलाम बॉम्बे!' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।