नाना पाटेकर के निधन पर नेताओं का शोक: भारतीय सिनेमा का एक और सितारा चला गया
नाना पाटेकर का निधन: नेताओं की संवेदनाएं
हैदराबाद, 8 अक्टूबर। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण सहित कई प्रमुख नेताओं ने प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि उनके अद्वितीय अभिनय और स्वाभाविक प्रतिभा ने हिंदी और मराठी सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नाना पाटेकर एक असाधारण अभिनेता थे, जिन्होंने अपने हर किरदार में गहराई और प्रामाणिकता का समावेश किया।
पवन कल्याण ने कहा कि फिल्म 'क्रांतिवीर' में नाना पाटेकर का अभिनय सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा। उन्होंने 'परिंदा', 'खामोशी', 'तिरंगा', 'अग्निसाक्षी', 'नटसम्राट', 'अब तक छप्पन' और 'अपहरण' जैसी फिल्मों में उनके उत्कृष्ट कार्य को भी याद किया।
उन्होंने यह भी कहा कि नाना पाटेकर का भारतीय सेना के साथ जुड़ाव और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा उनके देशप्रेम और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पवन कल्याण ने उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और बहुमुखी अभिनय को हमेशा याद किया जाएगा।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि नाना पाटेकर के प्रभावशाली अभिनय और विशिष्ट आवाज ने उन्हें करोड़ों लोगों के दिलों में एक खास स्थान दिलाया। उन्होंने कहा कि पर्दे के बाहर भी उनकी सामाजिक संवेदनशीलता ने उन्हें समाज से गहरे जुड़ाव में रखा। उनका निधन सिनेमा जगत और उनके प्रशंसकों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रभावशाली अभिनय और हिंदी तथा मराठी सिनेमा में उनके योगदान ने उन्हें भारतीय सिनेमा का एक अविस्मरणीय चेहरा बना दिया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.