नाना पाटेकर की रहस्यमय मौत: गोवा पुलिस ने शुरू की जांच, जानें क्या है मामला
गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का मामला
प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद, गोवा पुलिस ने मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उनकी मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों के बयान का अध्ययन करेगी। इस मामले की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर नितिन नाइक कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट की संभावना जताई गई है, लेकिन मौत के सही कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
अस्पताल में लाए जाने की जानकारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाना पाटेकर को गुरुवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित ओशन पार्क से मणिपाल अस्पताल, बांबोलिम लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचित करने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख, डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि अभिनेता को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेजा गया।
BNSS की धारा 194 के तहत मामला दर्ज
गोवा पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत्यु की परिस्थितियों की जांच करना और वास्तविक कारणों का पता लगाना है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की समीक्षा के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज करेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले में किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।
दिल की बीमारी से पीड़ित थे नाना पाटेकर
डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर अभिनेता की मृत्यु कार्डियक अरेस्ट से होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर पहले से दिल की बीमारी से ग्रसित थे और उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगा। नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म उद्योग और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ा दी है। पुलिस की जांच जारी है और अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा संबंधित लोगों के बयानों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।