नाना पाटेकर का निधन: सादगी और बेबाकी के प्रतीक, जानें उनके जीवन के अनछुए पहलू
नाना पाटेकर का जीवन और निधन
मुंबई, 8 अक्टूबर। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन गुरुवार को हुआ। उन्हें उनकी सादगी और स्पष्टता के लिए जाना जाता था। बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके पास कई संपत्तियां थीं, लेकिन उनका दिल हमेशा अपने गांव में ही बसा रहा।
नाना पाटेकर का मुख्य निवास मुंबई के अंधेरी में स्थित समर्थ नगर के लोखंडवाला इलाके में एक साधारण वन बीएचके फ्लैट था। एक बड़े सितारे होने के बावजूद, उन्होंने कभी भी भव्य जीवनशैली को नहीं अपनाया। पुणे के पास खडकवासला में उनका एक विशाल फार्महाउस है, जहां वे खेती करते थे। इसके अतिरिक्त, गोवा के डोना पाउला में भी उनका एक घर था, जहां उनका निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। उनका पुश्तैनी गांव महाराष्ट्र के रत्नागिरी में है।
8 जून 2025 को नाना पाटेकर ने क्विज आधारित रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति 17' में गेस्ट के रूप में भाग लिया था, जहां उन्होंने अपने गांव लौटने और मुंबई से दूर रहने के कारणों का खुलासा किया।
शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा, "आपने जीवन में इतना कुछ हासिल किया, फिर गांव क्यों चले गए?" नाना ने सरलता से उत्तर दिया, "मैं फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं हूं। मैं यहां काम करने आता हूं और फिर वापस चला जाता हूं। मैं गांव का हूं और वहीं रहना पसंद करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे अपनी मां से जितना चाहिए था, उससे कहीं अधिक मिला है। मेरी जरूरतें सीमित हैं। मेरे पास एसी नहीं है क्योंकि मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है। मेरे घर के चारों ओर पहाड़ हैं, और मैं वहीं आराम से रहता हूं।"
इस एपिसोड में नाना पाटेकर ने अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की भी प्रशंसा की। एक दर्शक ने उनसे पूछा कि फिल्म 'वजूद' में माधुरी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा। उन्होंने कहा, "माधुरी के साथ काम करना अद्भुत था। वह एक बेहतरीन अभिनेत्री और डांसर हैं।"
एक अन्य दर्शक ने उनसे फिल्म 'वजूद' में माधुरी को सुनाई गई कविता 'कैसे बताऊं मैं तुम्हें' के बारे में पूछा। नाना ने मुस्कुराते हुए कहा, "यह कविता जावेद अख्तर ने लिखी थी। यह आज भी मेरे मन में ताजा है।"