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नाना पाटेकर का निधन: क्रिकेट के प्रति उनका जुनून और सिनेमा में योगदान

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। उन्हें गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नाना का भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन उनका पहला प्यार क्रिकेट था। उन्होंने अपने करियर में कई सफल फिल्में कीं और क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को भी साझा किया। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में और कैसे उन्होंने सिनेमा और क्रिकेट दोनों में अपनी छाप छोड़ी।
 

नाना पाटेकर का निधन


नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (वेब वार्ता)। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। उन्हें गोवा स्थित उनके निवास पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। चिकित्सा टीम उनके घर पहुंची, लेकिन वह बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर ने 75 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।


भारतीय सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान अद्वितीय रहा है। उन्होंने अपने विविध और उत्कृष्ट अभिनय से हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया। उन्हें दर्शकों और आलोचकों दोनों का प्यार मिला, लेकिन उनका पहला प्यार सिनेमा नहीं, बल्कि क्रिकेट था। इस बारे में उन्होंने लगभग 11 साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था।


नाना ने कहा था कि वह बचपन में एक अच्छे क्रिकेटर थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे। शिवाजी पार्क में अभ्यास करने वाले बल्लेबाजों के लिए वह गेंदबाजी करते थे। आर्थिक कठिनाइयों के कारण वह क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पाए।


उन्होंने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान वह टीवी से हटते नहीं थे।


उनका क्रिकेट के प्रति जुनून आज भी वैसा ही है। नाना ने कहा कि 10 दिन के अभ्यास के बाद भी वह अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।


पाटेकर ने विराट कोहली को अपना पसंदीदा क्रिकेटर बताया और कहा कि जब वह जल्दी आउट होते हैं, तो उनका खाना खाने का मन नहीं करता।


नाना पाटेकर का यह इंटरव्यू इस बात का प्रमाण है कि उनके निधन से न केवल बॉलीवुड को नुकसान हुआ है, बल्कि क्रिकेट ने भी एक उत्साही प्रशंसक खो दिया है।


नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद में हुआ था। उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। पद्मश्री से सम्मानित इस अभिनेता ने रंगमंच से सिनेमा में कदम रखा। 1978 से 2026 तक एक प्रभावशाली अभिनेता के रूप में सक्रिय रहे नाना पाटेकर की प्रमुख फिल्मों में 'सलाम बॉम्बे', 'परिंदा', 'तिंरगा', 'क्रांतिवीर', 'वजूद', 'अंकुश', 'खामोशी', 'शक्ति', 'राजनीति', और 'वेलकम' शामिल हैं।


वह मराठी फिल्मों में भी सक्रिय रहे, और 'नटसम्राट' उनकी बेहद प्रशंसित और सफल मराठी फिल्म रही है। नाना पाटेकर को तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।