धर्मेंद्र के निधन के बाद उनकी संपत्ति का वारिस कौन होगा? जानें कानूनी पहलू
धर्मेंद्र का निधन और अंतिम संस्कार
धर्मेंद्र, जो 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गए, ने 12 नवंबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से घर लौटने के बाद से घर पर इलाज कराया। सोमवार को उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट पर किया गया, जहां कई प्रमुख सितारे जैसे अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, शाहरुख खान, आमिर खान, सलमान खान, गोविंदा और अक्षय कुमार ने उन्हें अंतिम विदाई दी। धर्मेंद्र का फिल्मी करियर बेहद सफल रहा, जिसमें उन्होंने कई हिट फिल्में दीं और अच्छी खासी कमाई की। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 450 करोड़ रुपये है और उनके पास कई संपत्तियां भी हैं।
धर्मेंद्र की संपत्ति का विवरण
धर्मेंद्र की संपत्ति का अनुमान ₹335 से ₹450 करोड़ के बीच है, जो उनके शानदार अभिनय करियर और बड़े रियल एस्टेट पोर्टफोलियो से आती है, जिसमें लोनावाला में 100 एकड़ का फार्महाउस भी शामिल है। उनकी संपत्ति का एक हिस्सा उनके व्यवसायों से भी आता है, जिसमें विजेता फिल्म्स, फिल्म प्रोडक्शन और गरम धरम ढाबा जैसे रेस्टोरेंट शामिल हैं।
धर्मेंद्र की पारिवारिक स्थिति
धर्मेंद्र ने दो शादियां कीं। उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर से दो बेटियां, विजेता और अजीता देओल हैं। इसके अलावा, उनके दो बेटे, सनी देओल और बॉबी देओल भी हैं। दूसरी शादी उन्होंने हेमा मालिनी से की, जिनसे उनकी दो बेटियां, ईशा देओल और अहाना देओल हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि जब धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से विवाह किया, तब उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर जीवित थीं और उनका तलाक नहीं हुआ था।
संपत्ति का वारिस कौन?
2023 के एक फैसले के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की पहली पत्नी जीवित है और तलाक नहीं हुआ है, तो हिंदू मैरिज एक्ट (HMA) के सेक्शन 16(1) के तहत दूसरी शादी अवैध मानी जाएगी। इसके अलावा, पहली शादी से हुए बच्चों को अपने पिता की संपत्ति में समान अधिकार होगा।
हालांकि, सेक्शन 16(1) के तहत, यदि कोई पिता दूसरी शादी करता है, तो पहली पत्नी के बच्चों को अपने पिता की संपत्ति पर पूरा अधिकार होगा, लेकिन उन्हें पुश्तैनी संपत्ति पर सीधा अधिकार नहीं होगा।
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटियों, ईशा और अहाना को अपने पिता की संपत्ति और पुश्तैनी संपत्ति पर अधिकार मिलेगा। इसे कानूनी रूप से "नोशनल बंटवारा" कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि धर्मेंद्र को पैतृक संपत्ति में जो भी हिस्सा मिलेगा, वह उनके वारिसों में समान रूप से बांटा जाएगा।